इंटर परीक्षार्थियों से लगे जाम ने ली असल परीक्षा: पूरे शहर में भीषण जाम से जूझते रहे लोग, ध्वस्त हो गई ट्रैफिक व्यवस्था

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मुजफ्फरपुर15 मिनट पहले

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मुजफ्फरपुर शहर में जाम लगने से रुके वाहन।

राज्य में इंटर की परीक्षा आज से शुरू हो चुकी है। मुजफ्फरपुर में भी 65 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हो रही है। जिसने कुल 56 हज़ार परीक्षार्थी शामिल होंगे। लेकिन, जिसका सबसे अधिक डर था वही हुआ। इस बार मुजफ्फरपुर पुलिस के पास ट्रैफिक को लेकर कोई प्लान नहीं था। शहर की हालत भी नरकीय हो चुकी है। जगह-जगह सड़क और नाला निर्माण के कारण चलना मुश्किल है। इंटर परीक्षा की प्रथम पाली में तो परीक्षार्थियों को ट्रैफिक को लेकर परेशानी नहीं हुई। लेकिन, जैसे ही प्रथम पाली की परीक्षा समाप्त हुई और दूसरी पाली के परीक्षार्थी प्रवेश करने लगे। शहर में भीषण जाम की समस्या बन गयी। सबसे पहले अघोरिया बाजार से लेकर RDS चौक तक जाम लग गयी। इसके बाद देखते-देखते पूरा शहर जाम की जद में आ गया। इस दौरान दूसरी पाली में परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुंचने में पसीने छूट गए। बाइक से उतरकर परीक्षार्थी पैदल ही केंद्र की तरफ भागे। ताकि समय से पहुंच सके। क्योंकि परीक्षा शुरू होने से 10 मिनट पहले तक ही इंट्री है। इसके बाद गेट बंद कर दिया जाता है। हालांकि आज पहला दिन होने के कारण कुछ हद तक छूट भी दी गयी है।

ट्रैफिक को लेकर नहीं बना कोई प्लान
ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर कोई प्लान नहीं बना। जो सिपाही पूर्व से तैनात थे। वही इससे जूझते रहे। लेकिन, न तो उनकी बातों का असर हुआ और न जाम खत्म हुआ। दोपहर 12.30 बजे से ही जाम लगना शुरू हो गया था। बाद में स्थानीय थाना और QRT को शहर में सड़कों पर उतरना पड़ा। तब जाकर धीरे-धीरे जाम से लोगों को मुक्ति मिली। हालांकि फिर भी शहर के मुख्य बाजार में ट्रैफिक काफी धीमा है। जिसे पुलिसकर्मी सुचारू करने में लगे हुए हैं।

इन जगहों पर लगा भीषण जाम
शहर में आज अघोरिया बाजार, RDS चौक, मोतीझील, सरैयागंज, कम्पनीबाग, बनारस बैंक चौक, जुरन छपरा, ब्रह्नपुरा, गोला रोड और MSKB कॉलेज रोड में भीषण जाम की समस्या बनी रही।

60 अतिरिक्त जवान लगाए गए
ट्रैफिक DSP RK सिंह ने बताया कि पहले 30 जवान ट्रैफिक ड्यूटी में अतिरिक्त दिया गया है। वहीं, होमगार्ड से भी 30 जवान तैनात हुए हैं। पहले से भी करीब 50 से अधिक जवान अलग-अलग तैनात हैं। लेकिन, इसका कोई प्रभाव देखने को नहीं मिला। इसका मुख्य कारण ट्रैफिक को लेकर विभाग के पास कोई नया प्लान नहीं था। ट्रैडिशन प्लान से ही काम चलाया जा रहा है।

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