एक साल की बच्ची को पहले पॉजिटिव, फिर नेगेटिव बताया: डॉक्टर ने रिपोर्ट छुआ भी नहीं था, परिजनों को कहा- कहीं भी चले जाओ; अब प्रभारी MO को कानूनी नोटिस भेजा

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पूर्णिया4 घंटे पहले

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पीड़ित बच्ची और उसके पिता।

पूर्णिया के बड़हरा कोठी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC बी कोठी) पर बीते 21 मई को एक वर्षीय बच्ची नन्ही कुमारी की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद बच्ची के परिजनों को डॉक्टर द्वारा बिना रेफर किए किसी कोविड केयर सेंटर में चले जाने को कहा गया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि डॉक्टर ने पर्ची को छूना भी मुनासिब नहीं समझा, न ही कोई दवा लिखी। इस दुर्व्यवहार की खबर दैनिक भास्कर ने 24 मई को प्रकाशित की थी। अब अपनी लापरवाही छिपाने के लिए PHC द्वारा एक और बड़ी गलती कर दी गई है।

अब अस्पताल द्वारा बिना सैंपल लिए ही बच्ची की कोविड निगेटिव रिपोर्ट उसके परिजनों के पास भेज दी गई है। इसमें कहा गया है कि 23 मई को लिए गए सैंपल की एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव आई है। इससे गुस्साए परिजनों ने अब अपने वकील के द्वारा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को कानूनी नोटिस भिजवाया है। कहा गया है कि आपकी वजह से परिवार को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है। 15 दिनों में जवाब दें कि आपके खिलाफ क्यों न अदालत में मुकदमा किया जाए।

अस्पताल ने अपनी नाकामी छिपाई, या परिजनों को मूर्ख समझा?

यह सवाल प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को भेजे कानूनी नोटिस में किया गया है। कहा गया है कि जब सैंपल लिया ही नहीं गया, तो रिपोर्ट कैसे आ गई? इस तरह अलग-अलग डेट में अलग-अलग टेस्ट रिपोर्ट आने से मेरे मुवक्किल को मानसिक पीड़ा उठानी पड़ी है। साथ ही पीएचसी के रवैये से मेरे मुवक्किल को मानसिक, आर्थिक, शारीरिक एवं सामाजिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है, जिसकी पूरी जवाबदेही आपकी है। ऐसा लगता है कि PHC बी कोठी द्वारा अपनी नाकामी छिपाने के लिए यह सब किया गया है या संदेश प्राप्त करने वाले को मूर्ख समझा गया है।

इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अजय कुमार मंडल ने बताया कि कार्यालय में नोटिस दिया गया होगा। हमें नोटिस के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

एक साल की बच्ची को छोड़कर पूरे परिवार की रिपोर्ट निगेटिव

दरअसल, 21 मई को बीकोठी पीएचसी में हो रही कोरोना जांच में सुखसेना पश्चिम पंचायत के सुखसेना गांव की एक साल की बच्ची कोरोना पॉजिटिव पाई गई। हद तो तब हो गई जब ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने बच्ची का प्रिस्क्रिप्शन तक नहीं छुआ और परिजन के आग्रह के बाद भी न कोई दवा लिखी और न दी। संक्रमित बच्ची के परिजन ने बताया कि वे लोग पूरे परिवार के साथ कोविड-19 की जांच के लिए पीएचसी गए थे। एक साल की बच्ची को छोड़कर पूरे परिवार की रिपोर्ट निगेटिव आई। पिता ने कहा कि एक साल की बेटी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद वहां मौजूद चिकित्सक से बार-बार दवा लिखने का अनुरोध करने के बाद भी कोई दवा नहीं लिखी।

उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने अस्पताल की पर्ची पर बिना रेफर किए ही किसी कोविड केयर सेंटर में चले जाने को कहा। परिजनों ने बताया कि जब डॉक्टर से कहा गया कि इतनी छोटी बच्ची को कोविड केयर सेंटर में कैसे भर्ती करें तो इसकी मां भी संक्रमित हो जाएगी, आप कोई दवा लिख दें। इस पर चिकित्सक ने कहा मैं कुछ नहीं कर सकता, आपको जहां सुविधा हो चले जाएं।

डॉक्टर ने कहा- इतने छोटे बच्चे की दवा अस्पताल में उपलब्ध ही नहीं है तो हम क्या लिखेंगे

इस मामले में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक मनोज कुमार ने बताया था कि इतने छोटे बच्चा की दवा अस्पताल में उपलब्ध ही नहीं है। दवा उपलब्ध नहीं रहने पर हम क्या लिखेंगे। मैंने बच्ची को धमदाहा, बनमनखी या पूर्णिया के किसी भी कोविड केयर सेंटर में परिजन के सुविधानुसार जाने की सलाह दी। अब परिजन बच्ची को लेकर कहां गए हैं, मुझे पता नहीं है। यहां सवाल यह भी उठता है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा संक्रमित रोगी के नियमित जांच और इलाज की बात तो दूर स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमित रोगियों का ठिकाना तक मालूम नहीं है कि संक्रमित बच्ची कहां और कैसी है।

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