एहतियात जरूरी: जिले के युवाओं में तेजी से फैल रहा है संक्रमण 10 नए पाॅजिटिव में छह 21 से 33 साल के हैं

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भागलपुर19 मिनट पहले

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  • शहरी इलाके में नाै मरीज मिले, बैंक ऑफ बड़ाैदा की भीखनपुर शाखा के असिस्टेंट मैनेजर काे काेराेना

काेराेना का संक्रमण एक बार फिर शहर की ओर लाैटने लगा है। नई लहर में युवा ज्यादा शिकार हाे रहे हैं। गुरुवार काे जिले में 10 काेराेना मरीज मिले। इनमें 9 शहरी इलाके के हैं। इन 10 में छह लाेग 21 से 33 साल के हैं। संक्रमण एक बार फिर से सिविल सर्जन आवास परिसर में पहुंच गया है। सिविल सर्जन कैंपस के रसाेइया की पत्नी, फाेर्थ ग्रेड स्टाफ व उनकी पत्नी काे भी काेराेना हाे गया है। इन तीनाें संक्रमिताें काे सदर अस्पताल में बने काेविड केयर सेंटर में भर्ती कराया गया है।

सालभर पहले भी सीएस कैंपस में रहनेवाला कर्मचारी व उनके परिवार का एक सदस्य पाॅजिटिव हुआ था। इधर शहरी क्षेत्र से बैंक ऑफ बड़ाैदा की भीखनपुर शाखा के असिस्टेंट मैनेजर, खंजरपुर की 21 वर्षीय महिला, भागलपुर टाउन के पास के 25 वर्षीय पुरुष, माेजाहिदपुर से 56 वर्षीय पुरुष व 27 वर्षीय महिला, शहरी क्षेत्र में रहनेवाले बांका जिला के रजाैन के 26 वर्षीय व 33 वर्षीय पुरुष एवं पीरपैंती की 25 वर्षीय महिला संक्रमित हुई हैं। मुजफ्फरपुर से लाैटी थी सीएस कैंपस के कर्मचारी की पत्नी जानकारी के अनुसार सीएस कैंपस के कर्मचारी की पत्नी हाल ही मुजफ्फरपुर से घर आयी थी।

इसके बाद उसे सर्दी-खांसी व बुखार हुआ ताे गुरुवार काे जांच करायी गयी। इधर, सदर अस्पताल के इमरजेंसी स्थित प्रथम तल पर काेविड केयर सेंटर बनाए जाने से इमरजेंसी के कर्मियाें काे संक्रमण का डर सताने लगा है। चूंकि संक्रमित मरीजाें के केयर सेंटर में जाने का रास्ता भी सामान्य मरीजाें की तरफ से ही जाता है। अब इमरजेंसी में सामान्य मरीजाें के आने व काेराेना मरीजाें काे भर्ती करने के दाैरान परेशानी हाे सकती है।

सीएस आवास में रसाेइया की पत्नी व एक कर्मचारी दंपती संक्रमित

दाे गंभीर मरीजाें काे आईसीयू में कराया भर्ती
मेडिकल काॅलेज अस्पताल में काेराेना के 10 मरीजाें का इलाज चल रहा है। दुमका का एक मरीज इलाज कराने पटना गया है। आइसाेलेशन वार्ड के दाे मरीजाें की हालत गंभीर हाेने पर आईसीयू में भर्ती किया गया है। इनमें एक महगामा व दूसरा भागलपुर अपनी ससुराल आया मरीज है। हाॅस्पिटल मैनेजर सुनील गुप्ता ने बताया कि 10 मरीज भर्ती हैं। एक अपनी मर्जी से रेफर हुआ है।

पाॅजिटिव के संपर्क में आए लाेगाें की कर रहे ट्रेसिंग
मेरे कैंपस से एक पुरुष व दाे महिला पाॅजिटिव हुए हैं। पाॅजिटिव की कांट्रैक्ट ट्रेसिंग करवायी जा रही है। खुद भी तिलकामांझी में जाकर लाेगाें की काेराेना जांच करवाई है।
डाॅ. उमेश शर्मा, सिविल सर्जन

मास्क लगाना ही काफी नहीं, साेशल डिस्टेंसिंग भी जरूरी

यह तस्वीर है सदर अस्पताल की है। यहां कतार में खड़े लाेग काेराेना की जांच के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से अधिकतर ने मास्क ताे लगाया है पर साेशल डिस्टेंसिंग भूल गए हैं। एक-दूसरे के पास सटकर बैठे व खड़े हैं। हाे सकता है कि इनमें कुछ संक्रमित भी हाें। इससे संक्रमण बढ़ सकता है। गुरुवार काे जांच कराने वालाें की इतनी भीड़ हाे गयी कि वहां हंगामा हाेने लगा, क्याेंकि लाेगाें के नाम-पता लिखने के लिए केवल एक कर्मचारी था। हंगामे के बाद एक और कर्मचारी काे लगाया गया।​​​​​​​

गर्भवती न लें टीका, बच्चा छह माह से कम का है ताे अभी रुकें

​​​​​​​{पहला टीका लेने के बाद कितना सुरक्षित हैं। दूसरा टीका लेने के कितने दिन बाद पूरी तरह सुरक्षित हाेंगे?
-पहला टीका लेने के बाद सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। दूसरा टीका लेने के बाद 70 से 80% सुरक्षा की गारंटी है। दूसरे डाेज के 15 दिन बाद शरीर में एंटीबॉडी विकसित हो जाता है। लेकिन कोरोना के सभी प्रोटोकॉल पूरे करने हाेंगे।
{मैं नियमित रूप से बीपी की दवा लेता हूं। क्या टीका ले सकता हूं?
-बिल्कुल ले सकते हैं। अगर बुखार आए ताे प्लेन पारासिटामाॅल लें।
{मैं 45 वर्ष की हूं। लंबे समय बाद आईवीएफ तकनीक से गर्भधारण किया है। टीका लूं या नहीं?
– गर्भवती को टीका नहीं लेना है।
{मेरे बच्चे की उम्र आठ माह है। ब्रेस्ट फीडिंग कराती हूं। क्या टीका ले सकती हूं?
– अगर बच्चा बाहरी आहार ले रहा है ताे टीका लेने में काेई दिक्कत नहीं है। जिस महिला का बच्चा छह माह से कम का है वह अभी टीका न लें।
{मेरे माता-पिता ने टीका लिया है, लेकिन मैं 12 साल से कम उम्र का हूं। ऐसे में बिना टीका लिए मैं कितना सुरक्षित हूं?
-आप संक्रमित हैं तो माता-पिता को खतरा हो सकता है, लेकिन उनसे आपको खतरा कम है। क्याेंकि बच्चे की इम्यूनिटी ज्यादा मजबूत होती है।
{टीका लेने के बाद कितने दिनों के बाद तक किन-किन चीजों से परहेज करना होगा?
-वैक्सीन लेने के पहले एवं बाद में खाने-पीने में कोई परहेज नहीं है सिर्फ यह ध्यान रखना है कि खाली पेट वैक्सीन लेने न अाएं।
{क्या एंटीबॉडी बनने से दूसरी बीमारी से भी बचाव हाेगा?
-दूसरी बीमारी में नहीं, पर काेराेना से बचाव में यह शरीर के बाॅडीगार्ड की तरह काम करता है।
{मेरी उम्र 45 वर्ष है। मुझे तीन वर्ष पहले ब्रेस्ट कैंसर हुआ था। अब बीमारी पर काबू पा चुकी हैं। क्या मुझे टीका लेना चाहिए?
-टीका लेने से पहले एक सीआरपी जांच करवा लें। अगर 10 से ज्यादा रिपाेर्ट आए ताे डाॅक्टर से सलाह लेकर कुछ दवा लें, फिर टीका लगवाएं।
(जैसा कि जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डाॅ. मनाेज कुमार चाैधरी ने भास्कर काे बताया)​​​​​​​

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