कम पड़ रही सांसें: घर से अस्पताल तक ऑक्सीजन, ऑक्सीजन; गंभीर मरीज को हर घंटे सिलेंडर चाहिए

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मुजफ्फरपुर2 घंटे पहले

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  • लेकिन प्रति बेड व मरीज हर दिन दो सिलेंडर भी नहीं मिल रहे

दो ऑक्सीजन प्लांट से लगातार उत्पादन के बाद भी जिले में ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा है। गंभीर मरीजों को तो हर घंटे एक सिलेंडर ऑक्सीजन चाहिए, लेकिन पूरे दिन के लिए एक सिलेंडर नहीं मिल रहा। नतीजा मरीजों के परिजन घर, अस्पताल से लेकर प्लांट तक खाली सिलेंडर लेकर भाग-दौड़ करते हैं। ऑक्सीजन का संकट ऐसा है कि अस्पताल में करीब आधे बेड खाली होने पर भी हॉस्पिटल प्रबंधक मरीजों को भर्ती करने से कतरा रहे हैं।

भर्ती मरीजों के लिए जिला प्रशासन ने प्रति बेड व मरीज के आधार पर हर रोज डेढ़ से दो सिलेंडर का कोटा तय किया। वह भी अस्पतालों को समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहा। अस्पताल संचालकों का कहना है, भर्ती मरीजों के इलाज में ही ऑक्सीजन कम पड़ रही है। ऐसे में नए मरीज को एडमिट कर बिना ऑक्सीजन मरने के लिए नहीं छोड़ सकते। शनिवार को दैनिक भास्कर ने अस्पतालों की पड़ताल की तो ऑक्सीजन का संकट का यह सच सामने आया। जिले में फिलहाल एसकेएमसीएच सहित डेढ़ दर्जन से अधिक कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमितों का इलाज चल रहा है। इन अस्पतालों में करीब 750 बेड हैं, लेकिन ऑक्सीजन की कमी के चलते करीब आधे बेड खाली हैं।

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