कैश वैन से 1.50 करोड़ लेकर भागने का मामला: कुख्यात प्रेम साहनी के इलाके में खड़ी होती सिक्युरिटी एजेंसी की गाड़ियां, कनेक्शन खोजने में जुटी पुलिस

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कैश वैन से 1.50 करोड़ लेकर भागने का मामला: कुख्यात प्रेम साहनी के इलाके में खड़ी होती सिक्युरिटी एजेंसी की गाड़ियां, कनेक्शन खोजने में जुटी पुलिस


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पटना19 मिनट पहले

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कैश वैन की फोटो।

सिक्युरिटी एजेंसी AGS के कैश वैन से 1.50 करोड़ रुपए लेकर फरार हुए ड्राइवर सूरज कुमार का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। सोमवार को कैश लेकर वह कहां और किस ओर भागा, इस बारे में अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं हो सका है। लेकिन पुलिस सूत्रों के जरिए एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।

दरअसल, ICICI बैंक के लिए काम करने वाली सिक्युरिटी एजेंसी AGS की कैश वैन अगमकुआं थाना के तहत महात्मा गांधी नगर के पास पार्क होती है। यह इलाका पटना के कुख्यात अपराधी प्रेम साहनी का है। जो फिलहाल जेल में बंद है।

प्रेम साहनी वो अपराधी है, जिसके निशाने पर अक्सर बैंक रहे हैं। बैंक में डकैती और लूट उसका मुख्य पेशा है। पुलिस सूत्रों की मानें तो कैश लेकर फरार हुए ड्राइवर सूरज और जेल में बन्द कुख्यात प्रेम साहनी के बीच कनेक्शन हो सकता है। इस बात की पुष्टि तब होगी, जब केस की जांच कर रही आलमगंज थाना और पटना पुलिस की टीम इस मामले को सही तरीके से खंगालेगी। हालांकि, इस पॉइंट पर पटना के SSP राजीव मिश्रा से बात की गई। उन्होंने इस मामले में प्रेम साहनी का कनेक्शन होने से इनकार कर दिया है।

पूर्व के इन कांडों की वजह से है शक

पटना पुलिस भले ही प्रेम साहनी के कनेक्शन की बात को मान नहीं रही है। इसके ऊपर शक होने की ठोस वजह सामने में है। साल 2005 में इसने अपने साथियों के साथ मिलकर अगमकुआं के कांटी फैक्ट्री रोड में स्थित पंजाब नेशनल बैंक में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। तब वहां से 50 लाख रुपए कैश लूट लिए थे। फिर 2018 में इसने दिनदहाड़े रूपसपुर थाना के तहत विजया बैंक में भी डकैती की थी।

हालांकि, पटना पुलिस कह रही है कि कैश वैन से उसी का ड्राइवर रुपए लेकर भागा है। कोई कैश लूट नहीं हुई है। इस कारण उनकी टीम प्रेम साहनी पर शक नहीं कर रही है। पर पुलिस सूत्र का दावा है कि अगर जेल में बन्द अपराधी से एक पूछताछ हो गई तो उम्मीद है कि पूरी असलियत सामने आ जाएगी।

हाईकोर्ट को दे चुका है चकमा

फतुहा थाना के FIR नंबर-164/2014 में प्रेम साहनी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से बाहर निकलने के लिए इसने 2018 में ही एक शातिराना खेल खेला। 18 जुलाई 2018 को पटना हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल हुई थी। याचिकाकर्ता ने खुद का नाम विजय साहनी और प्रेम का छोटा भाई बताया था। दायर अर्जी में बताया था कि उसके पिता की मृत्यु 10 जुलाई 2018 को हो गई है। हिन्दू धर्म के अनुसार पिता का श्राद्धकर्म बड़ा बेटा करता है। इसलिए श्राद्धकर्म में भाग लेने के लिए प्रोविजनल बेल देने की गुहार लगाई गई थी।

याचिका को सही मान कोर्ट ने प्रोविजनल बेल दे दिया था। साथ ही अगमकुआं के थानेदार को उस पर नजर रखने के लिए एक पुलिसकर्मी की तैनाती करने का आदेश दिया था। तब प्रेम साहनी जेल से बाहर तो आ गया, पर उसके बाद फरार हो गया था।

जांच में फर्जी मिली थी पिता के मौत की बात

दरअसल, प्रोविजनल बेल का टाइम खत्म होने के बाद अपराधी ने खुद को कोर्ट में सरेंडर नहीं किया था। तब कोर्ट ने उस वक्त के अगमकुआं थानेदार को जवाब तलब किया था। उनकी ओर से कोर्ट को जानकारी दी गई कि अपराधी के पिता जिंदा हैं। उसकी मां का देहांत कई साल पहले हो चुकी है। साथ ही यह खुलासा किया था कि उसका कोई छोटा भाई भी नहीं है। मतलब, जिस विजय साहनी ने छोटा भाई बनकर अपील की थी वो फर्जी निकला। करीब तीन साल से अधिक समय तक फरार रहने के बाद पुलिस उसे गिरफ्तार कर पाई। जिसके बाद से वो जेल में बन्द है।

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