कोरोना की तीसरी लहर का खतरा अब भी बरकरार: एक्सपर्ट बोले- मरा नहीं वायरस, कभी भी एक्टिव होकर मचा देगा तांडव; मास्क लगाकर और वैक्सीनेशन से ही हो सकता है संक्रमण से बचाव

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पटनाएक घंटा पहले

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अगर कोरोना वायरस को कमजोर समझ लिए, तो यह आपकी सबसे बड़ी भूल होगी। यह ऐसा वायरस है जो कभी भी एक्टिव होकर तांडव मचा सकता है। कोरोना को लेकर बिहार में हो रही लापरवाही और वायरस के नए स्ट्रेन पर जब एक्सपर्ट से बात की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। एक्सपर्ट का कहना है कि कोरोना वायरस को हल्के में लेना, जान जोखिम में डालना है। अगर सावधानी नहीं बरती गई तो आने वाले समय में यह कभी भी सक्रिय होकर अचानक से हाहाकार मचा सकता है।

वायरस सामान्य वायरस नहीं, डर खत्म होते ही एक्टिव होता है

नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के माइक्रो वायरोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ संजय का कहना है कि कोरोना का वायरस सामान्य नहीं है। यह ऐसा वायरस है जो कभी भी विकराल हो सकता है। वायरस समय समय पर म्यूटेट करता है और इसके म्यूटेशन से अचानक से वायरस बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए वैक्सीनेशन के साथ मास्क लगाना आवश्यक है। यह नहीं कहा जा सकता है कि कोरोना का तांडव अब नहीं होगा। अब भी कोरोना की तीसरी लहर का खतरा है। वारस कभी भी म्यूटेट होकर अचानक से खतरा बढ़ा सकता है। पहली लहर और दूसरी लहर के बीच ऐसा ही हुआ था। नया नया स्टेन आ रहा है, इससे बचाव जरुरी है। जिस तरह से कोरोना को लेकर लोगों की लापरवाही देखी जा रही है, यह आने वाले समय में खतरा बन सकता है। हर व्यक्ति जब तक बचाव को लेकर गंभीर नहीं होगा, तब तक कोरोना से खतरा कम नहीं होगा।

तीसरी लहर नहीं आएगी, यह कहा नहीं जा सकता

पटना AIIMS के ट्राम इमरजेंसी के HOD डॉ अनिल कुमार का कहना है कि तीसरी लहर आएगी या नहीं आएगी इस पर ध्यान नहीं देना है। पूरा ध्यान बस मास्क और वैक्सीनेशन पर देना है। इससे ही कोरोना से बचा जा सकता है। कोरोना खतरनाक वायरस है। इसका म्यूटेशन भी हाे रहा है। ऐसे में सावधानी जरुरी है। वायरस कभी भी एक्टिव हो सकता है क्योंकि इसका नेचर ही ऐसा है। इससे बचाव को लेकर हर किसी को गंभीर होना होगा। अधिक से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन पूरी तरह से कर लिया जाए और मास्क के नियम का पालन किया जाए तो इसका खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।

दूसरी लहर में भी अचानक हुआ था विकराल

कोरोना काल में संक्रमितों का इलाज करने वाले पटना AIIMS के पूर्व चिकित्सक डॉ अभिषेक रंजन का कहना है कि कोरोना वायरस कब ठंडा पड़ जाएगा और कब हाहाकार मचा देगा, इसका कोई ठिकाना नहीं होता है। पहली लहर के बाद ऐसा लग रहा था कि अब कोरोना लौटकर नहीं आएगा क्योंकि अधिकतर लोगों में एंटी बॉडी तैयार हो गई है। पहली लहर के बाद जब कोविड के नए मामलों की संख्या कम हो गई और लोग पूरी तरह से लापरवाह हो गए। अचानक से कोरोना का वायरस म्यूटेट हुआ और फिर ऐसी तबाही मचाई कि कोरोना की पहली लहर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इसलिए अभी भी समय है लोगों को संभलकर रहना चाहिए।

बिहार में कोरोना और वैक्सीनेशन की रफ्तार

रविवार को 24 घंटे में हुई 92 हजार 182 लोगों की जांच में मात्र 3 नए मामले आए हैं। अब तक बिहार में 725968 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं जिसमें 716269 लोगों ने वायरस को मात दे दिया है। बिहार में अब तक 9661 लोगों की मौत हो चुकी है और 37 संक्रमित अभी वायरस से जीतने के लिए जंग लड़ रहे हैं। रिकवरी रेट बढ़कर 98.66 प्रतिशत हो गया है। बात बचाव को लेकर अगर वैक्सीनेशन की बात करें तो बिहार में सोमवार को दोपहर 2 बजे तक 1,50,747 लोगों ने टीका लगवाया है। अब तक बिहार में कुल 5,77,51,230 लोगों का टीकाकरण हुआ है। इसमें 4,53,26,406 लोगों ने पहली और 1,24,24,824 लोगों ने दूसरी डोज ली है। पटना में सोमवार को 2 बजे तक 10969 लोगों का वैक्सीनेशन हुआ है। अब तक पटना में कुल 50,75,383 लोगों का टीकाकरण हुआ है। इसमें पहली डोज लेने वालों की संख्या 32,57,660 और दूसरी डोज लेने वालों की संख्या 18,17,723 है। दूसरी डोज को लेकर सरकार का पूरा दबाव है। सरकार लोगों को जागरुक कर रही है जिससे दूसरा डोज लेने वाले भी आगे आए और वैक्सीनेशन कराएं। सरकार का स्लोगन भी है कि एक से अधूरा दो से पूरा।

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