खगड़िया में दो घरों का बुझा चिराग: छठ घाट पर दो की डूबने से मौत, परिजनों ने प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप

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खगड़िया3 घंटे पहले

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अलौली में मृतक युवक की माता को मुआवजे की राशि सौंपते सीओ।

खगड़िया में बुधवार को दो घरों ने अपने लाल को खो दिया है। जिले के गोगरी और अलौली में दोनों की मौत छठ घाट पर डूबने से हो गई। अलौली प्रखंड मुख्यालय के बागमती घाट पर एक 18 वर्षीय युवक उस समय डूब गया जब वह छठ के लिए घाट को तैयार कर रहा था। इस संबंध में परिजनों ने बताया कि अलौली अंचल प्रसाशन ने उक्त घाट की बैरिकेडिंग नहीं की थी। हालांकि इस संबंध में अलौली के सीओ ने अपना पलड़ा झाड़ते हुए इसका ठेकरा नगर व आवास विभाग पर फेंक दिया है। जबकि सच्चाई ये है किं आज की घटना के बाद उक्त घाट की बैरिकेडिंग सीओ के द्वारा कराई गई है। वहीं महेशखूंट में एक 12 वर्षीय बच्चे की डूबने से मौत हो गई है। इस संबंध में गोगरी सीओ का कहना है कि जिस घाट पर घटना घटित हुई है वह उनके सूची में नहीं था। अब सवाल यह उठता है कि क्या ऐसी बातों से ये दोनों अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पलरा झाड़ सकते हैं।

इन दोनों घटनाओं से एक बात सामने आ रहा है कि डीएम के लाख प्रयास के बावजूद बुधवार को छठ पर्व के पहले अर्घ्य के दिन दो लोगों की मौत हो गई है। इन दो जगहों की घटनाओं ने एक सवाल खड़ा किया है कि अगर गोगरी और अलौली सीओ सजग होते तो इसको रोका जा सकता था। मतलब इन दोनो घटनाओं में अलौली और गोगरी सीओ की लापरवाही साफ-साफ दिख रही है। ऐसे में डीएम इन दोनो लापरवाह अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करते हैं इसपर सभी की नजर होगी।

बता दें कि अलौली और महेशखूंट में दो लोगों की डूबने से मौत के बाद उनके घरों में मातम छाया है। महेशखूंट के इंग्लिशटोल में 12 वर्षीय बच्चे की मौत ने उसके घर पर कयामत की रात ला दी है। बताया जा रहा है कि मृतक बच्चे की मां अपनी सुध-बुध खो चुकी है। वहीं अलौली में 18 वर्षीय युवक के डूबकर मरने की सूचना पर उसके माता पिता ने भोजन को त्याग दिया है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि जब राज्य सरकार का निर्देश था और डीएम खगड़िया ने आदेश जारी करते हुए सभी छठ घाटों की निगारनी करने की बात कही थी तो फिर उसपर अमल क्यों नहीं किया गया। अब जब घटना घटी है तो दोनो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से इतश्री करते नजर आ रहे हैं।

इस संबंध मे जब अलौली सीओ प्रदीप कुमार से पूछा गया तो वे अपनी जिम्मेदारी से भागते नजर आए। उनके अनुसार जिस जगह घटना हुई है वो नगर पंचायत में आता है। जबकि सभी को मालूम है कि अभी नगर एवं आवास विभाग ने इसको लेकर कोई अधिकारिक इंतजाम नहीं किये हैं। सवाल इस लिये भी कि अगर यह नगर एवं आवास विभाग के जिम्मे था तो फिर बुधवार को युवक के डूबकर मरने के बाद बागमती नदी घाट की बैरिकेडिंग सीओ अलौली ने कैसे कराई।

वहीं गोगरी अंचल के महेशखूंट इंगलिश टोल में घटित 12 वर्षीय बच्चे की डूबने से मौत के मामले में गोगरी सीओ रंजन कुमार ने ऐसा बयान दिया है कि जिसे स्वीकार ही नहीं किया जा सकता है। उनके अनुसार जिस जगह बच्चे की मौत डूबने से हुई है वो छठ घाट उनके सूची में नहीं है। जबकि निर्देश यह है कि जहां भी छठ पर्व के लिए घाट बनेगा वहां अंचल प्रसाशन की तरफ से सुरक्षा को लेकर इंतेजामात किये जाने हैं। अलवत्ता इन दो घटनाओं के बाद खगड़िया डीएम ने दोनो अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।

इस संबंध में डीएम डॉक्टर आलोक रंजन घोष ने कहा कि खगड़िया में दो लोगों की डूबने से मौत हुई है जबकि एक जगह लाश की खोजबीन जारी है। उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर लाश की बरामदगी हुई है वहां के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएंगी। ऐसी परिस्थिति में कार्रवाई भी की जा सकती है।

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