खत्म हो गया था कुख्यात रवि पेशेंट का गैंग: गिरोह के सभी साथी पकड़े गए, पटना और हाजीपुर में बना रहा था नया गैंग

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पटना6 मिनट पहले

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नालंदा से शनिवार को गिरफ्तार किया गया कुख्यात अपराधी रवि पेशेंट उर्फ रवि गुप्ता उर्फ नेता का पुराना गैंग खत्म हो गया था। गैंग में शामिल उसके सारे साथी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके थे। यह अकेले पड़ गया था। जिसके बाद यह कुख्यात फिर से अपना एक नया गैंग खड़ा करने में जुटा था।

इसके लिए पटना और हाजीपुर के अपराधियों को एक करने में लगा हुआ था। काफी हद तक नया गैंग खड़ा करने में यह कामयाब भी हो चुका था। अपने नए साथियों के बदौलत ही इसने नालंदा में ज्वेलरी शॉप में डकैती की प्लानिंग रची थी।

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गैंग में शामिल अपराधियों को तलाश रही पुलिस

पुलिस सूत्रों की मानें तो अपनी प्लानिंग को अंजाम देने के लिए यह कुख्यात झारखंड के धनबाद से नालंदा आया था। मगर, उसके पहले ही इसके मूवमेंट के बारे में पता लगा रही बिहार STF की टीम ने नालंदा जिले में छापेमारी की और कुख्यात रवि पेशेंट को गिरफ्तार कर लिया। अब पटना पुलिस यह पता लगा रही है कि इसने गैंग में कौन से अपराधियों को शामिल किया था? पुलिस उनकी पहचान पता करने में जुटी है।

फरार होने के बाद सबसे पहले गया था कोलकाता
गिरफ्तार करने के बाद बिहार STF की टीम ने इस कुख्यात को पटना पुलिस के हवाले कर दिया था। आलमगंज थाना में रख कर इससे पूछताछ की गई। जिसके बाद पता चला कि 18 दिसंबर 2019 को पटना सिविल कोर्ट से फरार होने के बाद यह अपने साथियों के साथ सीधे पश्चिम बंगाल चला गया। काफी दिनों तक इसने कोलकाता में एक जगह पर अपना ठिकाना बनाए रखा। वहीं, छीपा रहा। कुछ दिनों के बाद फिर से एक्टिव हुआ। उस वक्त अपने पुराने साथियों को कांटैक्ट किया और फिर एक बड़ी साजिश रच डाली।

गांव के लोगों ने देख लिया तो बचने के लिए कर दिया फायरिंग
2020 में आसनसोल में अपने साथियों के साथ मिलकर इसने एक ज्वेलरी शॉप में डकैती की थी। उसकी प्लानिंग इसने कोलकाता में बैठकर रची थी। वहां से 2 किलो सोना इसने लूटा था। इसके बाद ही ये बोकारो गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार अपने दोस्त के ससुराल में उस वक्त ठहरा था। गांव के सन्नाटे वाले इलाके में जाकर लूटे गए सामान का रैपर जला रहा था। तब ही गांव के कुछ लोगों ने इसे देख लिया था।

शक होने पर गांव के लोग जुटने लगे थे। पकड़े जाने के डर से इसने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इसमें तीन लोगों को गोली लगी थी। इनमें इलाज के दौरान गांव के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इन दोनों घटनाओं के बाद ही इसके पुराने गैंग के एक-एक साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और यह अकेला पड़ गया।

रुपयों की जरूरत पड़ी तो मांगी 20 लाख की रंगदारी
अकेला पड़ा चुका कुख्यात रवि पेशेंट गैंग को खड़ा करने में लगा हुआ था। नए गैंग को पूरी तरह से एक्टिव करने के लिए इसे रुपयों की जरूरत थी। इसके बाद ही इसने पटना सिटी में आलमगंज थाना के तहत डंका इमली इलाके के रहने वाले आलू कारोबारी से 20 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी।

रुपए नहीं देने पर इसने कारोबारी के उपर जानलेवा हमला किया था। पटना पुलिस को इसकी तलाश सिविल कोर्ट से फरार होने के मामले के साथ ही रंगदारी के इस केस में भी थी, जो STF की मदद से पूरी हो गई।

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