जस्टिस चंद्रचूड़ बाेले-: दरभंगा की अदालत में 69 वर्षों से सुनवाई की राह देख रहा एक पार्टीशन सूट, मोतिहारी के सीजेएम कोर्ट में एक मुकदमा 48 वर्षों से लंबित

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पटनाएक मिनट पहले

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मंगलवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से पटना हाईकोर्ट, पटना सिविल कोर्ट और मसौढ़ी पंचायत के लखनौर गांव में ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन हुआ।

  • सुप्रीम कोर्ट के जज ने पटना हाईकोर्ट, सिविल कोर्ट व मसौढ़ी के लखनौर गांव में ई-सेवा केंद्र का किया उद्‌घाटन
  • बिहार की अदालताें में 1004 केस पिछले 30 साल से लंबित

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि बिहार की अदालतों में 1004 सेशंस केस पिछले 30 साल से लंबित हैं। इस बात की भी जानकारी मिली है कि दरभंगा की अदालत में एक पार्टीशन सूट 157/52 पिछले 69 वर्षों से सुनवाई की राह देख रहा है।

मोतिहारी के सीजेएम कोर्ट में एक मुकदमा 48 वर्षों से लंबित है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक साल के कोरोना काल में (मार्च 2020 से मार्च 2021) बिहार की निचली अदालतों में कुल 5.4 लाख मुकदमे दर्ज हुए जिनमें 2.37 लाख का निपटारा हुआ। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि इन बातों का उल्लेख मैं आलोचना के लिए नहीं कर रहा। बिहार के संदर्भ में इन आंकड़ों को प्रस्तुत कर रहा हूं ताकि सही तरीके से माॅनिटरिंग हो सके।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया शुभारंभ

मंगलवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से पटना हाईकोर्ट, पटना सिविल कोर्ट और मसौढ़ी पंचायत के लखनौर गांव में ई-सेवा केंद्र का उद‌्घाटन करते हुए उन्हाेंने ये बातें कहीं। माैके पर मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल, न्यायमूर्ति शिवाजी पांडेय व न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल नवनीत कुमार पांडेय ने सभी का स्वागत किया। पटना सिविल कोर्ट के जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील दत्त मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

ग्रामीण इलाके के लाेग प्राप्त कर सकेंगे अपने मुकदमे की जानकारी

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि ई-सेवा केंद्र के माध्यम से सुदूर ग्रामीण इलाकों में बैठे लोग भी अपने मुकदमे की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही ई-फाइलिंग की सुविधा भी मिलेगी। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि कोरोना काल में हम सभी ने कई समस्याओं का सामना किया है। बहुत लोगों ने बहुत कुछ खोया भी है। लेकिन तमाम चुनौतियों के बीच हमें एकजुट होकर आगे बढ़ना है। तकनीक के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया का निपटारा करने पर जोर देना है। इसी उद्देश्य से ई-सेवा केंद्रों की स्थापना देशभर में की जा रही है।

अन्य जिलाें में भी हाेगी शुरुआत

डाॅ. चंद्रचूड़ ने कहा कि बिहार में अभी तीन केंद्रों की शुरुआत की गई है। राज्य के अन्य जिलों में भी जल्दी ही ऐसे ई-सेवा केंद्रों की स्थापना की जाएगी ताकि सरल तरीके से लोगों को न्याय सुलभ हो सके। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को भी अब आधुनिक तकनीक से जोड़ने की जरूरत है। पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल की तारीफ करते हुए कहा कि उनके प्रयास से ही ई-सेवा केंद्रों की शुरुआत हो सकी है।

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