जहरीली शराब कांड पर चिराग ने नीतीश कुमार को घेरा: कहा- बिहार में शराब तस्करों को पनाह देते हैं मुख्यमंत्री, अब वक्त है एक्शन का

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पटनाएक घंटा पहले

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प्रेंस कांफ्रेस करते चिराग पासवान।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार की कार्यशैली को लेकर लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान एक बार फिर से हमलावर हैं। बिहार में हुए जहरीली शराब कांड को लेकर सीधे तौर पर चिराग ने नीतीश कुमार को अपने टारगेट पर ले लिया है। शनिवार को दिल्ली रवाना होने से पहले पटना में उन्होंने कहा कि जहरीली शराब कांड के सबसे बड़े दोषी नीतीश कुमार और उनके चहेते अधिकारी हैं। जिन्होंने शराब बंदी के नाम पर एक पैरलल इकॉनोमी खड़ी कर दी।

चिराग ने कहा कि दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी करने वाले और राज्य के अंदर जहरीली शराब बनाने वालों को नीतीश कुमार और उनके अधिकारियों ने सरंक्षण दे रखा है। इनके वजह से ही यह कांड हुआ और 50 लोगों की मौत हो गई। सबसे पहले तो नीतीश कुमार के 1- अणे मार्ग वाले घर को ही सील कर देना चाहिए। क्योंकि, इस कांड के जिम्मेवार तो मुख्यमंत्री ही हैं।

चिराग ने आगे कहा कि नीतीश कुमार के पास में ही गृह विभाग भी है। इस कारण उन्हें जल्द से जल्द दोषी अधिकारियों के उपर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। वो शराब बंदी कानून का रिव्यू करने की बात कह रहे हैं। सवाल ये है कि वो किस बात का रिव्यू करेंगे? क्या उनके ही बनाए कानून में कोई खामी है? आखिर इस कानून का पालन पूरी सख्ती के साथ क्यों नहीं हो रहा है?

तीन बेटियों की शादी का उठाया जिम्मा

शुक्रवार को चिराग जहरीली शराब कांड वाली जगह गोपालगंज, बेतिया और मुजफ्फरपुर गए थे। वहां वो पीड़ित परिवारों से मिले थे। इस दौरान तीन ऐसे परिवार मिले, जिनकी बेटियों की शादी हाल के दिनों में ही होने वाली थी। मगर, जहरीली शराब कांड ने उनके सारे सपनों पर पानी फेर दिया। अब चिराग ने तीनों परिवार की बेटियों की शादी का जिम्मा अपने कांधे पर उठाया है। उन्होंने कहा कि इसकी भी एक सीमा है। इसलिए उनकी मांग है कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे।

घर से निकलते नहीं हैं मुख्यमंत्री

आज की प्रेस कांफ्रेंस में चिराग पूरी तरह से नीतीश कुमार पर हमलावर दिखे। जहरीली शराब कांड के साथ-साथ इसी साल पटना में हुए इंडिगो के स्टेशन हेड रूपेश सिंह हत्याकांड के मुद्दे को भी उन्होंने उठाया। चिराग ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की क्या स्थिति है? यह किसी से छीपा नहीं है। कई बड़े-बड़े कांड हुए। लेकिन, वो अपने घर से बाहर नहीं निकले। कभी घटना स्थल पर नहीं गए। कभी पीड़ित परिवार से नहीं मिल। अगर, वही चुनाव का मौका होता तो वो वोट मांगने के लिए वहां पहुंच जाते।

भास्कर के सवाल पर कहा गठबंधन के साथ लड़ेंगे अगला चुनाव

चिराग पासवान की पार्टी बिहार में अगला चुनाव गठबंधन के साथ लड़ेगी। वो गठबंधन NDA के साथ होगा या महागठबंधन के साथ या फिर कोई तीसरा मोर्चा बनेगा? इस पर उन्होंने अपना पत्ता अभी नहीं खोला है। भास्कर ने उसे सवाल पूछा था कि उप चुनाव में मिले हार के बाद बिहार के लिए उनकी आगे की प्लानिंग क्या है? इसका जवाब देते हुए चिराग ने कहा कि कुशेश्वरस्थान और तारापुर के उप चुनाव में उनकी पार्टी तीसरे नंबर पर रही। 2020 के विधान सभा चुनाव में भी इसी तरह का रिजल्ट रहा। इसे ध्यान में रखते हुए पार्टी ने अगला चुनाव गठबंधन के तहत लड़ने का फैसला लिया है। अगला चुनाव मध्यावधी भी हो सकता है।

उत्तर प्रदेश और पंजाब में पार्टी लड़ेगी चुनाव

अगले साल उत्तर प्रदेश और पंजाब में विधान सभा का चुनाव होना है। चिराग ने घोषणा की है कि इन दोनों राज्यों में उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी। इसके लिए प्रदेश इकाई की तरफ से प्रस्ताव आया था। जिसे पार्टी ने मान लिया है। कल से चिराग का उत्तर प्रदेश में दौरा भी शुरू हो रहा है। कई जिलों में उनके दौरे का प्लान तैयार हो चुका है। उत्तर प्रदेश का चुनाव उनकी पार्टी सभी सीटों पर अकेले भी लड़ सकती है या फिर कुछ क्षेत्रिय दलों के साथ गठबंधन कर सकती है। वो भी अपनी शर्तों पर। शर्तें पूरी होंगी तो गठबंधन होगा, नहीं तो पार्टी अकेले ही सारे सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

शर्मनाक है कंगना का आजादी वाला बयान

एक्ट्रेस कंगना रणावत को पदमश्री का सम्मान मिला और उसके दो दिनों बाद ही उन्होंने देश को मिली आजादी पर जो बयान दिया, उस पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया। चिराग ने अपने दोस्त कंगना के उस बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि उनका वो बयान देश के वीरों का अपमान है। इससे शर्मनाक बयान और कुछ हो ही नहीं सकता है।

भारत रत्न से सम्मानित करें केंद्र सरकार

चिराग के पिता, लोकजनशक्ति पार्टी के संस्थापक और पूर्व केंद्री मंत्री रामविलास पासवान को मरनोपरांत पद्म भूषण से नवाजा गया। इस पर चिराग ने कहा कि यह एक शुरुआत है। केंद्र सरकार से आग्रह है कि उन्हें भारत रत्न दे। वो इसलिए नहीं कि वो उनके पिता थे, बल्कि वो इस सम्मान के हकदार हैं। 5 दशक से ज्यादा अपना जीवन उन्होंने शोषितों, वंचितों, दलितों सहित समाज के हर वर्ग के लिए काम किया। देश के 6 प्रधानमंत्री के साथ काम किया।

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