जातीय जनगणना पर आज नीतीश से मिलेंगे तेजस्वी: मुख्यमंत्री से मिलेंगे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, केन्द्र नहीं मान रहा तो कर्नाटक की तरह अपने खर्चे से जातीय जनगणना कराने की मांग करेंगे

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पटना28 मिनट पहलेलेखक: प्रणय प्रियंवद

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जातीय जनगणना की मांग बिहार में नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव दोनों कर रहे हैं। (फाइल फोटो)

जातीय जनगणना की मांग बिहार में नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव दोनों कर रहे हैं। लालू प्रसाद इसके पुराने समर्थक रहे हैं। जातीय जनगणना के सवाल पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मुलाकात भी दोपहर एक बजे होने वाली है। केन्द्र सरकार ने कह दिया है कि वह सिर्फ एससी-एसटी की ही जनगणना कराएगी, इसलिए बिहार में भारतीय जनता पार्टी भी जातीय जनगणना का विरोध कर रही है। यह पूरी तरह से राजनीतिक मामला है।

अनुमान लगाया जा रहा है कि जनगणना हुई तो पिछड़ी और अतिपिछड़ी जातियों की जनसंख्या और अगड़ी जातियों की जनसंख्या का बिल्कुल सही-सही अंक सामना आ जाएगा और इससे राजद सहित जदयू जैसी क्षेत्रीय पार्टियों की ताकत बढ़ेगी। यह वोट बैंक का मामला है। केन्द्र सरकार ने जब जातीय जनगणना की मांग को खारिज कर दिया है तब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की है कि बिहार सरकार खुद के खर्चे से जनगणना करा लें। तेजस्वी यादव ने विधान सभा में कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सर्वदलीय समिति बनाई जाए और यह समिति प्रधानमंत्री से मिलकर जातीय जनगणना कराने को कहे।

दो मांग दुहराएंगे नेता प्रतिपक्ष

शुक्रवार को मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष की मुलाकात कई मायने में महत्वपूर्ण है। तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री के सामने दो प्रस्ताव आमने-सामने रहकर दुहराएंगे। पहला यह कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय समिति प्रधानमंत्री से मिले और दूसरा यह कि यदि केन्द्र अंतिम रूप से जातीय जनगणना के लिए नहीं ही तैयार हो तो बिहार सरकार खुद के खर्चे से जातीय जनगणना कर्नाटक राज्य की तरह कराए।

जदयू के 8 सांसदों ने प्रधानमंत्री को लिखा है पत्र

जदयू और राजद दोनों अपनी-अपनी तरह से इस सवाल पर दबाव बना रहे हैं। जदयू के सांसदों ने गुरुवार को प्रधानमंत्री को इस बारे में पत्र लिख कर जातीय जनगणना कराने की मांग की है। जदयू के आठ सांसदों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है।

दोनों की मुलाकात के परिणाम का इंतजार हर किसी को

शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की मुलाकात के बाद बिहार की राजनीति में क्या मोड़ आएगा इसका भी इंतजार लोग कर रहे हैं। जातीय जनगणना करायी जाए, यह प्रस्ताव बिहार विधान मंडल में दो बार 18 फरवरी 2019 और 27 फरवरी 2020 को सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है और इसे केन्द्र सरकार को भेजा जा चुका है।

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