जिंदा बच्चे को मृत घोषित कर भाग गया डॉक्टर: छपरा में डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित किया, दाहसंस्कार के वक्त हिलने लगा हाथ पांव; अस्पताल वापस लाया तो देखने के बजाए पर्ची फाड़कर भाग गया, हुई मौत

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  • In Chapra, The Doctor Declared The Child Dead, The Hands And Feet Started Shaking During The Cremation; When Brought Back To The Hospital, Instead Of Looking, He Ran Away After Tearing The Slip.

छपरा4 घंटे पहले

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मृत बच्चे के साथ परिजन।

छपरा नगर थाना क्षेत्र के रूपगंज मोहल्ले में घर की दीवार गिरने से एक 7 वर्षीय बच्चा दब गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसके बाद उपस्थित परिजनों ने ईट पत्थर हटाकर बच्चे को निकाला और सदर अस्पताल लाकर भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने जांच उपरांत मृत घोषित कर दिया। मृतक बालक रूपगंज निवासी बबलू श्रीवास्तव का 7 वर्षीय पुत्र अंश श्रीवास्तव के रूप में हुई है।

दाहसंस्कार के वक्त हिलने लगा हाथ पांव

सदर अस्पताल के डाक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिए जाने के बाद परिजनों द्वारा दाहसंस्कार की तैयारी की जाने लगी। तभी बच्चे के शरीर मे हरकत महशुस हुई। इसके बाद परिजन पुनः जांच के लिए सदर अस्पताल लेकर आये। जहां डॉक्टर मरीज के निरीक्षण न कर अपने को बचाने के हथकंडे अपनाने लगे। ये सब देखते-देखते परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर चल गया और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हो गया।

डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा परिजनों ने काटा बवाल

वहीं मृत बच्चे के शरीर में हरकत को देख पुनः जांच कराने आये परिजनों ने सदर अस्पताल में उपस्थित चिकित्सको पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। जिसके बाद अस्पताल की इमरजेंसी सेवा कुछ समय के लिए बंद हो गई। हालांकि परिजनों ने मीडिया को बताया कि पुनः जांच कराने आने पर डॉक्टर ने देखने के बजाय आपने को बचाने के लिए पर्ची मांगकर फाड़ते हुआ फरार हो गए।

बवाल के बाद इमरजेंसी सेवा ठप्प हो गया

इधर, हंगामा देख उपस्थित डॉक्टर भाग खड़े हुआ, जिससे इमरजेंसी पूरी तरह से खाली हो गया। इसी बीच जलालपुर थाना क्षेत्र के कुमना से ईलाज कराने आये बच्चे की भी इलाज के अभाव में मौत हो गई। मृत बच्चे की पहचान परमेश्वर राम के 8 वार्षिक पुत्र अमन कुमार के रूप में हुई है। वहीं घटना की सूचना पाकर अस्पताल उपाधीक्षक जल्दबाजी में इमरजेंसी वार्ड पहुचें और ठप्प पड़ी इमरजेंसी को फिर से चालू कराया। ऐसे में अस्पताल में बवाल को शांत कराने की लिए भगवान बाजार थाना को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बता दें कि डॉक्टर की इस लापरवाही के कारण दोनों बच्चों की मौत हो गई।

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