जॉब को ठुकराया, दिमाग लगाया; बन गए 34,000 करोड़ के मालिक!

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नई दिल्ली: कार्तिक गणपति, एमएन श्रीनिवासु और अजय कौशल तीन युवा ग्रेजुएट थे, जिन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमैंट (IIM) से पढ़ाई की थी. वे अमेरिका की एक अकाउंटिंग फर्म आर्थर एंडरसन (Arthur Andersen) में काम करते थे. फिस एक दिन एंटरप्रेन्योर की चाहत से भरे हुए तीनों युवाओं ने अपनी नौकरी छोड़ दी और एक फिनटेक (Fintech) कंपनी बनाने की राह पर चल पड़े, जिसकी वैल्‍यू अब 34,000 करोड़ रुपये से अधिक है. पढ़िए उनकी प्रेरणादायक कहानी….

पेमेंट्स गेटवे फर्म BillDesk की ऐसे हुई थी स्थापना

वासु, कार्तिक और अजय की तिकड़ी ने अपना सफल कॉर्पोरेट करियर छोड़ दिया. उनके मन में एक ही आइडिया था फाइनेंस और टेक्नोलॉजी को जोड़ने का. गौरतलब है कि जब उन्होंने अपना बिजनेस शुरू किया, तब भारत में 50,000 से ज्यादा इंटरनेट यूजर्स नहीं थे. कंपनी के को-फाउंडर श्रीनिवासु ने हाल ही में एक प्रमुख बिजनेस डेली न्यूज पेपर को बताया कि, ‘जब हमने साल 2000 में बिलडेस्क की शुरुआत की थी, तो यह केवल कल्पना थी कि यह फाइनेंस और टेक्नोलॉजी को जोड़ने के लिए एक शानदार प्रयास होगा.’

एक दशक से कम समय में ही चमकी कंपनी

बिलडेस्क उन कंपनियों में से है जो अपने शुरुआती दिनों के एक दशक से भी कम समय में भारी मुनाफा कमा रही थी. कंपनी को पहला इंवेस्टर साल 2001 में मिला था, जबकि साल 2006 में क्लियरस्टोन वेंचर पार्टनर्स और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने पहला ऐतिहासिक इंवेस्टमेंट $7.5 मिलियन का किया था. साल 2015 में तो बिलडेस्क एक अरब डॉलर की कंपनी बन चुकी थी. फिलहाल फाइनेंशियल ईयर 2021 में उनकी कंपनी का सकल राजस्व (Gross Revenue) लगभग 1,800 करोड़ रुपये (253 मिलियन डॉलर) था.

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प्रॉसस एनवी ने किया बिलडेस्क का अधिग्रहण

बताते चलें कि ग्लोबल कंज्यूमर इंटरनेट ग्रुप प्रॉसस एनवी (Prosus NV) ने अब बिलडेस्क (BillDesk) का करीब 34,376.2 करोड़ रुपए (4.7 अरब डॉलर) में अधिग्रहण कर लिया है. इस अधिग्रहण के समझौते के बाद तीनों को अप्रत्याशित लाभ मिला है. अजय कौशल, कार्तिक गणपति और एमएन श्रीनिवासु तीनों का कंपनी में 31% हिस्सा है. इस हिसाब से तीनों में से हरेक को निजी तौर पर 3500 करोड़ मिलेंगे.

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