तेज प्रताप यादव का EXCLUSIVE इंटरव्यू: भास्कर से कहा- हम दोनों भाइयों में कोई लड़ाई नहीं; पार्टी-संगठन में मनुवादी शक्तियां रहेंगी तो डैमेज करेंगी

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पटना39 मिनट पहलेलेखक: प्रणय प्रियंवद

लालू प्रसाद के बड़े बटे तेज प्रताप यादव को चाट बहुत पसंद है।

लालू प्रसाद के बड़े बटे तेज प्रताप यादव को चाट बहुत पसंद है। ठेले वाला चाट। वे लालू प्रसाद की तरह आमजन के नेता हैं। बोलते भी हैं तो खुलकर। राजनीति में वे इन दिनों विवादों से घिरे हुए हैं और उनकी पूरी पार्टी अंतर्द्वंद्व की शिकार है! ऐसे में भास्कर ने तमाम सवालों के साथ उनसे बातचीत की। भास्कर ने उनसे उस समय बातचीत की जब वे अपने दोस्त चैतन्य पालित और छात्र जनशक्ति परिषद के युवा साथियों के साथ बिगन सहनी के ठेले पर चाट का मजा ले रहे थे। दैनिक भास्कर के रिपोटर्र प्रणय प्रियंवद के साथ तेज प्रताप यादव की एक्सक्लूसिव बातचीत पढ़िए…

छात्र जनशक्ति परिषद् के युवा साथियों के साथ तेज प्रताप।

सवाल- आप चाट खा रहे हैं। आपको क्या पसंद है?
जवाब- छोले वाला का चाट पसंद है। लाजवाब चाट है ये। आप भी खाइए। इनका चाट लाजवाब है। पिता जी लालू प्रसाद जब पटना में रहते हैं इनका चाट जरूर खाते हैं। इनका चाट जो नहीं खाएगा नेता नहीं बन पाएगा। खिलाओ… जी सब को चाट खिलाओ….!

सवाल- आपका अंदाज कई बार लोगों को लगता है कि लालू प्रसाद वाला है। आपको भी ऐसा लगता है क्या ?
जवाब- पता नहीं आप लोग कैसे जज करते हैं। हम तो लालू प्रसाद को अपना गुरु मानते हैं और उनकी विचारधारा को फॉलो करते हैं। पुत्र हैं तो चाल-ढाल, बोल-चाल मिलता-जुलता तो होगा ही लालू जी से।

सवाल- राजद में इन दिनों में काफी विवाद हुआ। तेजस्वी यादव ने इधर एक बात कही कि छोटी-छोटी बातों को भूल कर सबको एकजुट होकर काम करना चाहिए। दूसरी बड़ी बात तेजस्वी यादव ने कही कि भाजपा-RSS के लोग भाई-भाई को लड़ा रहे हैं। आप इसे किस रूप में लेते हैं? जवाब- शुरू से ही भाजपाइयों, RSS वालों, बजरंग दल वालों का यही मोटिव रहा है, लगातार ये लोग हिन्दू- मुसलमान के बीच दंगा कराने का काम करते हैं। हमने छात्रों को लेकर अभियान चलाया है। छात्रों के लिए हम बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य की बातें नहीं करेंगे तो कौन इसे उठाएगा? सभी अपने-अपने काम में व्यस्त रहते हैं। मैं बीएन कॉलेज का छात्र रहा। मेरे पिता जी भी उसी कॉलेज में पढ़े। मैं जेपी से भी काफी प्रभावित रहा हूं।

सवाल- आप जेपी की उस चर्खा समिति भी गए थे जहां उन्होंने अंतिम समय भी बिताया था?
जवाब- चर्खा समिति में हमने जेपी से जुड़ी तमाम चीजों के बारे में जाना। जेपी किस तरह से बात रखते थे। छात्रों को कैसे अधिकार के लिए, समाज में उठने-बैठने के लिए उन्होंने सिखाया। युवाओं को कैसे ट्रेंड किया जेपी ने यह सब जाना। मैंने वहां जेपी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और संकल्प लिया कि देश के छात्रों-जवानों की लड़ाई सूझ-बूझ के साथ लड़ी जाएगी।

सवाल- ये सवाल पार्टी के मन और बाकी लोगों के मन में भी है कि जब छात्र राजद संगठन पहले से है तो फिर छात्र जनशक्ति परिषद बनाने की जरूरत क्यों पड़ी?
जवाब- छात्र राजद तो है ही, डीएसएस भी मैंने बनाया था। छात्र राजद को दमदार तरीके से मैंने चलाया। अच्छे-अच्छे लड़कों को जोड़ा। पार्टी में सामंतवादी सोच वाले लोग कई बार आ जाते हैं जो अपना सिक्का चलाना चाहते हैं। पार्टी में छात्रों का उपयोग कर लिया जाता है और बैकडोर से बाहर कर दिया जाता है। छात्रों को यूज करके थ्रो कर दिया जाता है।

सवाल- आप किस तरह की सामंतवादी शक्तियों की बात कर रहे हैं ?
जवाब- मैं मनुवादी शक्तियों की बात कर रहा हूं। संगठन में इस तरह की उत्पन्न शक्तियों से मुझे घृणा होती है।

सवाल- ये बात तेजस्वी यादव नहीं समझते क्या?
जवाब- देखिए, तेजस्वी लंबी रेस के घोड़े हैं। मैं बोलता हूं, मैं तेजस्वी को गद्दी दिलाऊंगा, लेकिन इस तरह की मनुवादी शक्तियां पार्टी, संगठन में डेरा बनाकर रहेंगी तो डैमेज करेंगी। भाई-भाई में कोई लड़ाई नहीं है।

सवाल- पब्लिक डोमेन में लेकिन यही बात है कि दोनों भाइयों में लड़ाई है?
जवाब- गलत है। कुछ मीडिया वाले ऐसे हैं जो इस तरह की बात कर रहे हैं। ऐसे लोगों की बातों को मैं खारिज करता हूं। यह सरासर गलत है। जब कोई व्यक्ति समाज में उठने का अधिकार पाने लगता है तो मनुवादी शक्तियां ऐसे ही प्रताड़ित करती हैं।

सवाल- तो आप दोनों भाई तेजस्वी और तेजप्रताप मिल कर इन शक्तियों का सामना करेंगें ?
जवाब- एकदम हम दोनों भाई मिलकर सामना कर रहे हैं। हमने तो कहा है कि राष्ट्रीय जनता दल का ही अंग छात्र जनशक्ति परिषद् को बनाया है। हम जब होर्डिंग लगाते हैं, पोस्टर लगाते हैं तो उसे नीचे से सपोर्ट देते हैं। उसी तरह से छात्र जनशक्ति परिषद राजद को नीचे से सपोर्ट देगा। जनशक्ति शब्द जयप्रकाश नारायण की देन है। हम जनमानस की शक्ति को एकत्रित कर दें तो विशाल आंदोलन का रूप दे सकते हैं।

सवाल- पार्टी के अंदर दो भाइयों के बीच जो विवाद हुआ तो आप अपने पिता जी लालू प्रसाद से भी मिले। उन्होंने क्या संदेश दिया?
जवाब- इसमें किसी तरह के विवाद की बात नहीं है। सभी अपने-अपने तरीके से काम करते हैं पार्टी में। ये देखिए पांच अंगुलियां हैं। पांचों एक जैसी नहीं होती हैं। सभी अलग-अलग साइज की हैं। यह सिर्फ हमारी पार्टी में नहीं है बल्कि सभी पार्टियों में होता है, लेकिन हम और हमारे अर्जुन एकजुट हैं। बिहार में सामाजिक न्याय का विचार स्थापित नहीं हो इसलिए लोग अफवाह उड़ाने का काम करते हैं। हम नौजवानों, युवाओं से बराबर संपर्क में रहते हैं। नौजवान बराबर हमारे पास आते रहते हैं।

सवाल- ये बात सामने आ रही है कि छात्र जनशक्ति परिषद में ड्रेस कोड भी आपने लागू किया है?
जवाब- अनुशासन तो संगठन में रहना ही चाहिए। किसी को भी किसी तरह के कपड़े पहनने की छूट होगी। यह जरूर होगा कि छात्र जनशक्ति परिषद् के युवा खादी को बढ़ावा दें। गांधी ने खादी पहनाने की शुरुआत की। जयप्रकाश नारायण ने भी इस पर जोर दिया। कपड़े तो मैं सभी तरह के पहनता हूं। मैं जींस भी पहनता हूं।

सवाल- छात्र जनशक्ति परिषद् को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएंगे ?
जवाब- हां, राष्ट्रीय स्तर पर इसे पहचान दिलाएंगे। पूरे देश के लोग इसके बारे में जान गए हैं। हमलोग पूरे तरीके से एकजुट हैं। सामने जो लडा़ई है उसे हम लडे़ंगे और जीतेंगे।

सवाल- सबसे बड़ी लड़ाई किसके साथ है?
जवाब- हमारी सबसे बड़ी लड़ाई भाजपाइयों के साथ है।

सवाल- नीतीश कुमार के बारे में आपकी क्या राय है?
जवाब- नीतीश कुमार और हमने एक साथ मिलकर भी काम किया है, लेकिन उनकी सोच अलग है और हमारी विचारधारा अलग। वे जब हमारे साथ गठबंधन में थे तब कहा था कि मिट्टी में मिल जाऊंगा पर भाजपा के साथ नहीं जाऊंगा, लेकिन क्या किया पूरे बिहार की जनता ने इसे देखा। हमारी लड़ाई अब इस बात को लेकर है कि युवाओं को बेरोजगार किसने किया ? शिक्षकों को किसने पिटवाया? बिहार में शिक्षा की यह स्थिति किसने की ?

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