निजीकरण का विरोध: दूसरे दिन हड़ताल से 500 कराेड़ रुपए का बैंकिंग काराेबार ठप, एटीएम रहे कैशलेस

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मुजफ्फरपुरएक घंटा पहले

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एसबीआई रीजनल ऑफिस के सामने प्रदर्शन करते बैंककर्मी।

  • पूरे दिन बैंकों के अंचल कार्यालयाें के समक्ष हाेते रहे धरना-प्रदर्शन

निजीकरण के विराेध में लगातार दूसरे दिन बैंककर्मियाें की हड़ताल के कारण बैंकिंग काराेबार ठप रहा। बैंक संगठनाें के मुताबिक, जिले में तकरीबन 500 कराेड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंकों में लेन-देन व चेक क्लीयरेंस ठप रहने के साथ एटीएम से नकद निकासी नहीं होने से बाजार भी मंदा रहा। सूतापट्टी थाेक वस्त्र मंडी में 25 प्रतिशत व्यवसाय प्रभावित रहा ताे आम लाेगाें काे भी परेशानी हुई। दाेपहर बाद कुछ एटीएम का शटर खुला देख कई लाेग निकासी के लिए जाते रहे। लेकिन, कैश लाेड नहीं हाेने से उन्हें निराशा हाथ लगी। इस बीच, शुक्रवार काे भी बैंक संगठनाें ने अपने-अपने बैंकाें के अंचल कार्यालयाें के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। बाद में संगठन के नेताओं ने घूम-घूम कर निजी बैकों, एटीएम सहित पोस्टल बैंक को बंद करा दिया।

बिहार स्टेट सेंट्रल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री मृत्युंजय मिश्रा ने कहा कि बैंक और देश बचाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। कहा कि निजी बैंकों में जनता पैसा नहीं जमा कर रही है, इसलिए सरकारी बैंकों का साख बेच रही है। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने कहा कि बैंक निजीकरण सरकार की जनविरोधी, आरक्षण विरोधी, बेरोजगार विरोधी और युवा तथा बुजुर्ग विरोधी नीति है। इधर, बैंक ऑफ इंडिया कार्यालय के समक्ष जिला संयोजक चंदन कुमार और जनार्दन यादव, एसबीआई कार्यालय के समक्ष असीत दास, प्रेम कुमार और आनंद कुमार, बैंक ऑफ बड़ाैदा के समक्ष मनोज कुमार, समीर कुमार, इंडियन बैंक के समक्ष विशाल सिन्हा, धीरज कुमार, सेंट्रल बैंक के समक्ष एसएन सिंह, राहुल आनंद, यूबीजीबी के समक्ष डीएन त्रिवेदी व अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ।

‘बैंकों ने प्रतिकूल परिस्थितियाें में भी देशहित में कार्य किया’
बैंक ऑफ बड़ाैदा के क्षेत्रीय कार्यालय एवं अखाड़ाघाट शाखा के समक्ष प्रदर्शन किया गया। इस माैके पर दिवाकर, समीर कुमार, अमित कुमार, रंजीत कुमार, दीप्ति, कृष्णा कुमार, पार्थ सारथी, विकास झा, रंजनीकांत, अविनाश, नेहा, रवि, विवेक आदि माैजूद थे। बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स कन्फेडरेशन के राष्ट्रीय सलाहकार एवं फेडरेशन ऑफ बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसाेसिएशन के महासचिव सुनील कुमार ने मिठनपुरा स्थित आंचलिक कार्यालय कैंपस में कहा कि बैंक अधिकारियाें ने प्रतिकूल परिस्थितियाें में भी देश की प्रगति के लिए कार्य किया है। उनके हिताें काे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। संगठन हिताें की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहेगा। माैके पर डाॅ. अच्युतानंद, जलज सुब्रत, प्रिया, अभिषेक पराशर, रवि उपाध्याय आदि माैजूद थे।

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