नीरा का उत्पादन और बिक्री होगी शुरु: राज्य में फिर से शुरू होगा नीरा का उत्पादन, बिक्री के लिए 26 मार्च से शुरू होगा संग्रह

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पटना2 मिनट पहले

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ताड़ी के उत्पादन और बिक्री से जुड़े हुए परिवारों के सर्वेक्षण के लिए बीडीओ की अध्यक्षता में प्रखंड स्तर पर एक समिति का गठन किया गया है।

राज्य में एक बार फिर से नीरा का उत्पादन और बिक्री शुरू होगी। इसके लिए उद्योग विभाग और मद्य निषेध विभाग ने तैयारी शुरू कर दिया है। योजना का उद्देश्य ताड़ी के उत्पादन और बिक्री में पारंपरिक रूप से जुड़े परिवारों को नीरा उत्पादन और जीविकोपार्जन योजना से जोड़ा है, ताकि वे ताड़ी बेचने के परंपरागत धंधे से बाहर निकलकर जीविकोपार्जन कर सके।

नीरा के उत्पादन और बिक्री की जिम्मेदारी जीविका के स्वयं सहायता समूह को दी गई है। जीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूह के तहत लोगों को रोजगार देने की योजना है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 46 लाख लीटर नीरा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

नीरा 1672 बिक्री केंद्रों के माध्यम से बेचा जाएगा। इसके लिए 1666 बिक्री केंद्रों को चिन्हित कर लिया गया है। राज्य के सभी 38 जिलों में 12893 नीरा उत्पादकों प्रशिक्षण देने भी तैयारी है। 460 नीरा समूह के गठन का लक्ष्य है, जिसके तहत अभी तक 272 समूह का गठन कर लिया गया है। 26 मार्च से नीरा का संग्रह का कार्य शुरू हो जाएगा।

शराबबंदी के बाद ही शुरू हुई थी उत्पादन व बिक्री

राज्य में अप्रैल 2016 से लागू शराबबंदी के बाद से ही तार के पेड़ों से नीरा उत्पादन सरकार की ओर से किया गया था। वर्ष 2017-18 में राज्य के 12 जिले- मुजफ्फरपुर, नालंदा, गया, पटना, समस्तीपुर, वैशाली, औरंगाबाद, भागलपुर, नवादा, जहानाबाद, बांका और सारण में इसकी बिक्री शुरू हुई थी। उसके बाद 2018-19 में राज्य के सभी जिलों में नीरा वाली योजना का शुरुआत की गई थी। इन चार वर्षों में कुल कुल 14 लाख लीटर नीरा का संग्रहण और 13 लाख लीटर नीरा की बिक्री हुई थी।

प्रखंड स्तर पर बनी समिति
ताड़ी के उत्पादन और बिक्री से जुड़े हुए परिवारों के सर्वेक्षण के लिए बीडीओ की अध्यक्षता में प्रखंड स्तर पर एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति में बीडीओ के अलावा थानाध्यक्ष, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक व सभी विकास मित्रों को शामिल किया गया है।

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