पंचायत चुनाव: केवटा में मुखिया, पंसस के लिए राजद व जदयू आमने-सामने; अरबन्ना चकला में मुखिया पद के 11 प्रत्याशियों में से दो मंत्री के गांव के

0
9


  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Patna
  • Head In Kevata, RJD And JDU Face To Face For Pansas; Out Of The 11 Candidates For The Post Of Headman In Arabanna Chakala, Two Belong To The Minister’s Village.

पटना9 मिनट पहलेलेखक: दिग्विजय कुमार/मदन

  • कॉपी लिंक

शिक्षामंत्री विजय कुमार चाैधरी के गांव केवटा में पंचायत सरकार भवन।

शिक्षामंत्री की पंचायत में अघोषित दलगत दावेदारी से कांटे की टक्कर

केवटा पंचायत, समस्तीपुर –

समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय प्रखंड की केवटा पंचायत, शिक्षामंत्री विजय कुमार चौधरी का गांव भी है। यह उजियारपुर विस क्षेत्र में आता है। वैसे तो घरेलू पंचायत की राजनीति में शिक्षामंत्री का कोई हस्तक्षेप नहीं है, मगर चुनावी भोंपू का शोर उनके घर तक गूंज रहा है। उनके गोतिया-दयाद का समर्थन जिसे होता है, उसे लोग मंत्री जी का भी समर्थन मान लेते हैं। इसकी ताकीद उनके चचेरे भाई शैलेंद्र चौधरी भी करते हैं।

बोले-‘हम जिधर होते हैं लोग उस पक्ष में एकजुट हो जाते हैं। पर हम किसी के पक्ष में लोगों को गोलबंद नहीं करते। मंत्री जी को भी इससे कोई मतलब नहीं है। नामांकन शुरू होने के बाद से वे गांव नहीं आए हैं।’ इसके बाबजूद पंचायत में सियासी चुनौतियां कम नहीं। राजद के प्रखंड अध्यक्ष जाबिर हुसैन इसी पंचायत से हैं। उनकी पत्नी रिजवाना तबस्सुम मुखिया प्रत्याशी हैं।

पिछले चुनाव में निवर्तमान मुखिया अनिता देवी से हार चुकी कंचन कुमारी, रिजवाना को कड़ी टक्कर दे रही हैं। रिजवाना अपने पति के सहारे राजद के आधार वोट को एकजुट करने में जुटी हैं। वहीं, कंचन कुमारी को सत्ताधारी दल के समर्थन की बात कही जा रही है। बिना पार्टी सिंबल के हो रहे पंचायत चुनाव में भी यहां पार्टियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। वर्तमान मुखिया अनिता देवी चुनावी दंगल से बाहर है।

मंत्री के पड़ोसी दूसरी बार प्रमुख पद के दावेदार

केवटा पंचायत में मुखिया पद के लिए 1 पुराना तथा 4 नए चेहरे मैदान में हैं। वहीं, राजद महिला प्रकाेष्ठ की जिलाध्यक्ष हेमलता जिला परिषद सदस्य पद की प्रत्याशी हैं। शिक्षा मंत्री के पड़ोसी कन्हैया लाल चौधरी दलसिंहसराय प्रखंड प्रमुख पद के लिए पंचायत समिति सदस्य (वार्ड 9 से 15 दक्षिण) का चुनाव लड़ रहे हैं। उनको जदयू समर्थित उम्मीदवार माना जा रहा है।

नितिन कुमार को राजद तथा नीलम देवी को सीपीएम समर्थित प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा है। पंचायत समिति सदस्य (वार्ड 1 से 8 उत्तर) के लिए 5 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसमें से नीता देवी को जदयू समर्थित तथा राजकुमारी देवी को राजद समर्थित माना जा रहा है।

भ्रष्टाचार है चुनावी मुद्दा

अधूरा नाला निर्माण के कारण पंचायत की 500 एकड़ जमीन जलप्लावित है। यहां चुनावी मुद्दा भ्रष्टाचार है। वर्तमान जनप्रतिनिधि पर लोग सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हैं।

वनमंत्री की पंचायत में मुद्दा सड़क का, लेकिन जातीय समीकरण हावी

अरबन्ना चकला पंचायत, पूर्णिया –

पूर्णिया से 58 किमी दूर बड़हरा काेठी प्रखंड का मलडीहा गांव। यह पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री नीरज कुमार बबलू का गांव है। 11 वार्डों के 5619 वाेटराें की अरबन्ना चकला पंचायत में पड़ने वाले इस गांव के बाहर खूंटघाट के पुल पर पटुआ छुड़ा रहे किसानाें के बीच भी पंचायत चुनाव की ही चर्चा है। सब, जीत-हार के गणित में जुटे हैं। इस पंचायत में मुख्य रूप से तीन गांव हैं-अरबन्ना, मलडीहा और गुलाब टाेल मलडीहा।

इस पंचायत में मुखिया पद के लिए 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 2 मंत्री के गांव के हैं। प्रत्याशियों में 25 से 65 साल के उम्मीदवार हैं। ज्यादातर किसान या ठेकेदार हैं। मंत्री के गांव के दाेनों प्रत्याशी ठेकेदार हैं। वहीं, कृष्ण कुमार पूर्व मुखिया हैं। उनकी पत्नी रचना देवी भी मैदान में हैं। कहने को इस पंचायत का चुनावी मुद्दा जर्जर सड़क है। गांव में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, चार स्कूल हैं।

बिजली व पक्की नाली-गली की स्थिति अच्छी है। लेकिन गांव की मुख्य सड़क जर्जर है। ठेकेदार ने काम बीच में ही छाेड़ दिया। हालांकि, यहां जातीय समीकरण हावी है। यहां सबसे अधिक महादलित, फिर राजपूत व यादव और इनके बाद पचपनिया वाेटर हैं। जिधर महादलित वाेटर शिफ्ट हाेगा, उसकी जीत हाेगी। सब अपनी जाति के वाेटरों के साथ महादलित वाेटराें काे रिझाने में जुटे हैं।

परिजन बोले- मंत्रीजी की चुनाव में रुचि नहीं

मलडीहा मंत्री नीरज कुमार बबलू का गांव जरूर है। लेकिन वनमंत्री चुनाव में खास दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। गांव में मंत्री के घर पर उनके भाई पन्ना सिंह और पिता रामकिशाेर सिंह हैं। पन्ना सिंह बताते हैं- “मंत्रीजी की पंचायत चुनाव में काेई रुचि नहीं है, न ही उन्होंने किसी काे फाेन किया है। वे यहां के वाेटर भी नहीं हैं।

वह सहरसा शहरी क्षेत्र के वाेटर हैं। विस चुनाव छातापुर से लड़ते हैं। उनके लिए सभी प्रत्याशी बराबर हैं।” उधर, एक दंपती के चुनाव लड़ने की वजह ग्रामीण बताते हैं-’दाेनाें के खड़े हाेने से प्रचार के लिए ज्यादा गाड़ियां रहेंगी।’ राजाे ऋषि डीलर हैं, ताे 65 वर्षीय गजेंद्र यादव सेवानिवृत्त शिक्षक हैं।

पूर्णिया के मलडीहा गांव में महिलाएं भी चुनाव प्रचार में पीछे नहीं है।

पूर्णिया के मलडीहा गांव में महिलाएं भी चुनाव प्रचार में पीछे नहीं है।

डीलर के पास सबसे कम संपत्ति

विश्वजीत सिंह, अविनाश कुमार और कृष्ण कुमार सबसे अमीर प्रत्याशी हैं। अविनाश कुमार कराेड़ाें के मालिक हैं। डीलर राजाे ऋषि के पास सबसे कम संपत्ति है।

खबरें और भी हैं…



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here