पार्सल ब्लास्ट मामले में नए एंगल: क्या दरभंगा एयरपोर्ट से उड़ने वाली फ्लाइट थी आतंकियों के निशाने पर! हैदराबाद जेल से नेपाल तक पहुंचा कनेक्शन

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पटनाएक घंटा पहले

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24 जून को दरभंगा स्टेशन पर जांच करते NIA के अधिकारी।

क्या बिहार का दरभंगा एयरपोर्ट आतंकवादियों के निशाने पर था? क्या दरभंगा एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली फ्लाइट आतंकवादियों के टारगेट पर थी? कुछ इस तरह के ही सवाल दरभंगा स्टेशन पर 17 जून को हुए पार्सल ब्लास्ट के मामले में जांच एजेंसियों के सामने आ गए हैं। इसके बाद से खलबली मची हुई है। सूत्रों के अनुसार कपड़ों के बंडल के बीच 100ml की शीशे वाली बोतल में केमिकल वाले बम का होना कोई छोटी बात नहीं है। इसके पीछे की कहानी किसी बड़े आतंकी साजिश के रचे जाने की तरफ इशारा कर रही है।

यही वजह कि इस मामले की जांच बहुत तेजी के साथ की गई। पहले बिहार, तेलंगाना और फिर उत्तर प्रदेश की रेल व ATS टीम ने इसकी पड़ताल की। अब NIA इस मामले को देख रही है। जैसे-जैसे इसकी जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इसका कनेक्शन हैदराबाद सीरियल ब्लास्ट के आरोपी और आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के आका यासीन भटकल से जुड़ गया। वर्तमान में यासीन भटकल अपने दो साथी आतंकवादियों असदुल्लाह उर्फ हड्‌डी और हैदर के साथ हैदराबाद के जेल में कैद है। असदुल्लाह उर्फ हड्‌डी को बम बनाने में माहिर माना जाता है।

अब जांच एजेंसी दरभंगा एयरपोर्ट और वहां से उड़ान भरने वाली फ्लाइट को टारगेट किए जाने के एंगल पर भी अपनी जांच शुरू कर दी है। क्योंकि, दरभंगा स्टेशन पर उस पार्सल को मो. सुफियान नाम का शख्स रिसीव करने वाला था। आशंका है कि उस लिक्विड एक्स्प्लोसिव को रिसीव करने के बाद कहीं स्टोर किया जाता। लेकिन, उसके पहले ही वो ब्लास्ट कर गया। अब जांच एजेंसी यह भी जानकारी इकट्‌ठा कर रही है कि क्या देश के अंदर या दूसरे देशों में लिक्विड एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल हुआ है या नहीं?

दरभंगा स्टेशन पर पार्सल में हुए ब्लास्ट के बाद का दृश्य।

दरभंगा स्टेशन पर पार्सल में हुए ब्लास्ट के बाद का दृश्य।

IED और टाइमर की जगह सेंसर ब्लास्ट की ओर बढ़े कदम
इस मामले में पहले पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी ISI का नाम सामने आया था। लेकिन, जब जांच आगे बढ़ी तो एक और पड़ोसी देश का नाम सामने आया। इसमें नया नाम नेपाल का जुड़ गया है। सूत्रों के जरिए जो पता चला है, उसके मुताबिक केमिकल बम बनाने के लिए कुछ लोगों को ट्रेनिंग दी गई है। इसके लिए मजहब के नाम पर कई युवाओं को स्लीपर सेल के तहत हायर किया गया है। बदलते वक्त के साथ आतंकी, हमले के ट्रेंड को बदलने में लगे हुए हैं। इनके कदम अब IED और टाइमर बम की जगह सेंसर ब्लास्ट की ओर बढ़ रहे हैं, जो आने वाले दिनों में बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

CAA के प्रदर्शन के दौरान का मांगा गया फुटेज
CAA के मुद्दे पर दरभंगा में भी प्रदर्शन हुआ था। NIA ने दरभंगा में हुए उस प्रदर्शन का फुटेज पुलिस से मांगा है। सूत्रों के अनुसार NIA अब उस फुटेज के जरिए कुछ चेहरों को तलाशेगी। कुछ संदिग्धों की पहचान करेगी। जब केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम स्टेशन पर हुए ब्लास्ट वाली जगह की जांच करने गई थी तो उसके बाद वहां के रेंज IG और SSP के साथ मीटिंग की थी। उसी दौरान उनसे CAA को लेकर हुए प्रदर्शन के फुटेज मांगे गए। इस मामले में NIA ने FIR दर्ज कर ली है। जिसकी कॉपी पटना स्थित NIA कोर्ट में जमा भी कर दी गई है।

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