बंगला में अकेले चिराग: LJP के 5 सांसदों ने चिराग से तोड़ा नाता, पशुपति पारस को बनाया अपना नेता

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पटना14 मिनट पहलेलेखक: शालिनी सिंह

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लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में बड़ी टूट हुई है। पार्टी के सांसदों ने चिराग पासवान से बगावत कर रामविलास पासवान के छोटे भाई पशुपति कुमार पारस को अपना नेता मान लिया है। LJP के 6 सांसदों में से 5 सांसदों ने पशुपति कुमार पारस को अपना नेता मान लिया है। माना जा रहा है कि चिराग पासवान से अलग हुए सभी सांसद अब JDU के साथ जाएंगे ।

LJP, राम विलास पासवान के निधन के 1 साल के अंदर ही टूट गई है। LJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान अब अकेले रह गए हैं। सांसदों के चिराग पासवान से नाराज होने की बात पहले से सामने आ रही थी। लेकिन, ये नाराजगी इस तरह पार्टी के लिए बड़ी टूट लेकर आएगी ये अंदाजा चिराग पासवान भी नही लगा पाएं।

पारस के साथ सूरजभान भी गए थे दिल्ली

कहा ये जा रहा है कि हाजीपुर से सांसद पशुपति कुमार पारस पिछले 3 दिनों से पटना में थे। पटना में उनकी मुलाकात JDU के एक बड़े नेता से हुई थी। दोनों में काफी देर तक मंथन हुआ। इसके बाद रविवार की सुबह पशुपति पारस दिल्ली निकल गए। उनके साथ नेता सूरज भान सिंह भी दिल्ली गए। रविवार की शाम में सूरजभान सिंह के भाई और नवादा से LJP​​​​​​​ सांसद को भी आननफानन में दिल्ली बुलाया गया। वैशाली की सांसद वीणा सिंह पहले से दिल्ली में मौजूद थी। खगड़िया के सांसद महबूब अली कैसर और चिराग के चेचेरे भाई प्रिंस पासवान भी दिल्ली में मौजूद थे। मीटिंग में बात पक्की हो गयी इस तरह से 5 सांसदों ने पशुपति कुमार पारस को अपना नेता मानने पर मुहर लगा दी।

केन्द्र में बढ़ेगा JDU का दबदबा

माना जा रहा है कि चिराग से अलग हुए सभी सांसद JDUके साथ होंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल का जल्द ही विस्तार होनेवाला है। इस बार JDU को भी केन्द्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी जानी है। जदयू के 16 सांसद हैं और अगर पशुपति पारस के साथ आए सांसद JDU का समर्थन करते हैं तो इनकी संख्या 21 हो जाएगी। इस तरह से JDU संख्यात्मक हिस्सेदारी में और मजबूत होगा और उसका केन्द्र सरकार में दबदबा बढ़ेगा।

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