बंदर के डर से कैद हो गए थे बच्चे: बक्सर में लाठी लेकर निकलने को मजबूर थे लोग, पिंजड़े में केला दिखाकर किया गया बंद

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बक्सर4 मिनट पहले

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बक्सर जिले के गंगौली गांव में बंदर के आतंक से लोग परेशान हो गए थे। बंदर के डर से लोगों को लाठी लेकर घर से बाहर निकलना पड़ रहा था। मजबूरी में बच्चों को भी घरों में कैद करना पड़ा था। करीब 12 लोगों को बंदर ने काट भी लिया, जिसका अस्पताल में इलाज कराया गया। ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बंदर पर काबू पाया।

घरों से निकलना लोगों ने बंद कर दिया था

पिछले तीन-चार दिनों से गंगौली गांव में एक बंदर ने आतंक मचा रखा था। जिसके भय से ग्रामीण छतों और गलियों में टहलना छोड़ दिया था। च्चो को बाहर खेलने के लिए नहीं भेज रहे थे। कोई निकलता भी था तो पूरी तरह चौकन्ना रहता था । इसके बावजूद बंदर हमला कर लोगों को हमला कर देता था। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम ने एक लोहे का पिजड़ा रखा। बंदर को ललचाने के लिए उसमे ढेर सारा केला बांध दिया गया। वहीं, एक वन विभाग के कर्मचारी को तैनात कर दिया गया।

बंदर को सासाराम भेजा गया

पहले दिन तो पिंजड़ा काम नहीं किया। लेकिन दूसरे दिन सोमवार की सुबह बंदर पिजड़े के अंदर आ गया। वन विभाग की टीम ने तत्काल बंद कर उसे रोहतास के सासाराम के लिए रवाना हो गए। वन विभाग के ASI राजकुमार ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर बंदर को कैद करने के लिए गांव में वन विभाग की टीम को पिजड़े के साथ लगाया गया था। इसके बाद दूसरे दिन बन्दर पकड़ा गया, जिसे रोहतास के सासाराम भेज दिया गया है। अब ग्रामीणों को डरने की जरूरत नही है।

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