बिजली की दर घटने के आसार बने: 5 में से 3 सरकारी कंपनियों का वृद्धि प्रस्ताव खारिज, कोरोना के कारण मिल सकती है राहत

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पटना25 मिनट पहले

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  • साउथ और नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के प्रस्ताव पर फैसला बाकी
  • बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने अपना फैसला रखा है सुरक्षित

बिहार में बिजली दरों के निर्धारण के लिए पांच कंपनियों ने संयुक्त रुप से प्रस्ताव दिया था। इसमें से तीन कंपनियों के प्रस्ताव पर फैसला आ गया है। इनके लिए मंजूर राशि में 18.15 फीसदी की कटौती की गई है। दो कंपनियों साउथ और नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रस्ताव पर फैसले के बाद तस्वीर पूरी तरह से साफ हो जाएगी। लेकिन इसके लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। फिलहाल इस कटौती से उम्मीद है कि बिजली की दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी की बजाए यह 18 फीसदी तक कम हो सकती हैं।

आयोग ने की कटौती, दर बढ़ने के बजाए घटने की बढ़ी उम्मीद

बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 1403.05 करोड़ का प्रस्ताव दिया था। इस पर आयोग ने 1130.68 करोड़ मंजूर किया है। वहीं स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर ने 10.40 करोड़ रुपए का प्रस्ताव दिया। इसमें से आयोग ने 10.13 करोड़ मंजूर किया है। यह खर्च वित्तीय वर्ष 20212-22 में कंपनियों द्वारा किया जाएगा। इसे आयोग की भाषा में सकल राजस्व की आवश्यकता बताया गया है। इससे पहले आयोग ने बिहार ग्रीड कंपनी लिमिटेड को 452.62 करोड़ रुपए खर्च करने की अनुमति दी है। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी 37.72 करोड़ रुपए प्रतिमाह की दर से बिहार ग्रीड कंपनी को देगी।

दो कंपनियों के प्रस्ताव पर फैसला बाकी
दो कंपनियों साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बिजली की दर में 9 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव पहले ही दे रखा है। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन ने 42.86 प्रतिशत और नॉर्थ बिहार कंपनी ने 27.71 प्रतिशत का नुकसान दिखाया है इसलिए रेट बढ़ाने का दबाव ज्यादा है। इस पर जन सुनवाई भी पूरी हो चुकी है। सुनवाई के बाद विद्युत विनियामक आयोग ने अपना फैसला सुरक्षित रखा हुआ है।

कोरोना से उपजे आर्थिक संकट से हर आय वर्ग के लोग परेशानी में हैं
जानकारी है कि होली के पहले इस पर आर-पार फैसला हो जाएगा। यह विनियामक आयोग पर है कि वह इसे किस तरह से नियंत्रित करती है। पिछले साल कोराना की वजह से हुए लॉकडाउन से छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े उद्यमी और आम लोगों को भी काफी परेशान हुई। लोगों की आय बुरी तरह से प्रभावित हुई। लोग अब तक इससे उबर नहीं पाए हैं। ऐसे में विनियामक आयोग नहीं चाहता है कि बिजली की दरों में बढ़ोतरी की जाए।

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