बिहार की पंचायतों को राष्ट्रीय पुरस्कार: राज्य की 7 ग्राम पंचायतें, 1 जिला परिषद् और 4 पंचायत समितियां होंगी पुरस्कृत, 24 अप्रैल को मिलेगा अवार्ड

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पटना33 मिनट पहलेलेखक: शालिनी सिंह

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राज्य सरकार की ऊपरी इकाइयों (विधानसभा/ विधान परिषद) की धूमिल छवि की खबरों के बीच सबसे निचली इकाई यानि त्रिस्तरीय पंचायतों से नाक ऊंचा करने वाली खबर आई है। यहां की 7 ग्राम पंचायतें, 1 जिला परिषद् और 4 पंचायत समितियां राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चयनित हुई हैं। इन्हें यह पुरस्कार पंचायती राज मंत्रालय की ओर से 24 अप्रैल को दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री के गृह जिले को तीन पुरस्कार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा के जिला परिषद को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों में जगह मिली है। नालंदा जिला परिषद् को दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार के लिए चुना गया है। नालंदा जिला परिषद् सम्मान पानेवाला बिहार का एकमात्र जिला परिषद् है। इसके आलावा 7 ग्राम पंचायतों और 4 पंचायत समितियों को वर्ष 2021 के राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों के लिए चुना गया है। 4 ग्राम पंचायतों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार के लिए चुना गया है। वहीं, सीतामढ़ी जिले के बघाड़ी गांव को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्रामसभा पुरस्कार के चुना गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान अवार्ड रोहतास जिले के ग्राम बिसैनीकला को और चाइल्ड फ्रेंडली ग्राम पंचायत अवार्ड नालंदा के कोसियावा को मिलेगा।

24 अप्रैल को मिलेगी इनाम की राशि और प्रशस्तिपत्र
भारत सरकार के पंचायतीराज मंत्रालय द्वारा गुरुवार को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों की घोषणा की गई है। पुरस्कार पाने वाले जिला परिषद् को 50 लाख रुपए और प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाता है। इसी कड़ी में पंचायत समितियों को 25 लाख तथा ग्राम पंचायत को 8 लाख रुपए की धनराशि प्रदान की जाती है । पुरस्कार राष्ट्रीय पंचायत दिवस 24 अप्रैल को प्रदान किए जाएंगे।

गया और नालंदा पुरस्कार पाने में आगे
पुरस्कार विजेता पंचायत और पंचायत समितियों में गया और नालंदा जिले की पंचायत समितियां और ग्राम पंचायत सबसे आगे हैं। गया की दो पंचायत समितियों इमामगंज और गया सदर को और रोहतास के अकोढ़ीगोला, औरंगाबाद की कुटुम्बा पंचायत समिति को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार मिले हैं। नालंदा की सबैत, दरभंगा की असराहा, समस्तीपुर की मोहनपुर, गया की औरॉव ग्राम पंचायत को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार मिले हैं।

किन पंचायतों को किस काम के लिए पुरस्कार

नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार : सीतामढ़ी जिले का ग्राम बघाड़ी

  • यह पुरस्कार ग्रामसभाओं के माध्यम से गांवों की सामाजिक और आर्थिक संरचना में सुधार से संबंधी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को दिया जाता है।

पंचायत डेवलपमेंट प्लान अवार्ड : रोहतास जिले के ग्राम बिसैनीकला

  • ग्राम पंचायत को अपने एक साल के विकास कार्यों का लेखा-जोखा बनाकर पंचायती राज विभाग को ऑनलाइन देना होता है। इसके तहत हर ग्राम पंचायत को साल में 4 ग्रामसभा और दो विशेष सभा का आयोजन करना होता है। इन सभाओं के साथ ही गांव के हर वार्ड में बैठक करके ग्रामीणों की समस्याओं व विकास कार्यों को सामने रखकर प्लान बनाया जाता है। ग्राम पंचायत को उन सभी कार्यो की जिओ टैगिंग भी करनी पड़ती है, ताकि ग्राम पंचायत द्वारा करवाए गए विकास कार्यों को धरातल पर भी देखा जा सके। इसके बाद एक विशेष टीम इन कार्यों का निरीक्षण कर पुरस्कार के लिए पंचायत का नाम केंद्र सरकार को भेजती है।

चाइल्ड फ्रैंडली ग्राम पंचायत अवार्ड : नालंदा के कोसियावा

  • बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए विभिन्न कार्यों जैसे- आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति, पढ़ाई, मिडे डे मील, खेल के मैदान, टीकाकरण, स्वास्थ्य, स्कूलों की साफ-सफाई, साफ पानी और पोषण की समुचित व्यवस्था के आधार पर इस कैटेगरी में बेस्ट पंचायत का चुनाव होता है। प्रत्येक राज्य से एक ही ग्राम पंचायत का चयन बेस्ट चाइल्ड फ्रेंडली पुरुस्कार के लिए किया जाता है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार :

  • जिला परिषद : नालंदा जिला परिषद
  • पंचायत समिति : इमामगंज (गया), गया सदर (गया), अकोढ़ीगोला (रोहतास) ,कुटुम्बा (औरंगाबाद)
  • ग्राम पंचायत : सबैत(नालंदा), असराहा (दरभंगा), मोहनपुर (समस्तीपुर), औरांव (गया)

यह पुरस्कार सेवाओं और सार्वजनिक वस्तुओं के वितरण में सुधार के लिए प्रत्येक स्तर पर पंचायती राज संस्थानों द्वारा किए गए अच्छे कार्य की मान्यता के लिए सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली त्रिस्तरीय पंचायतों को दिया जाता है।

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