बिहार में पेट दर्द वाली राजनीति: भाजपा का तेजस्वी पर आरोप-BPSC रिजल्ट देख पेट में हो रहा दर्द, मांझी ने 1 दिन पहले भाजपा नेताओं को कहा था पेट दर्द का मरीज

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पटना13 मिनट पहले

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BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और हम पार्टी प्रमुख जीतन राम मांझी।

एक दिन पहले दलित अत्याचार का मुद्दा उठानेवाले भाजपाइयों को मांझी ने पेट दर्द का मरीज बताया था तो बुधवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने तेजस्वी यादव को पेट दर्द का मरीज बता दिया। संजय जायसवाल का कहना है कि BPSC का रिजल्ट देखकर तेजस्वी यादव के पेट में दर्द हो रहा है। उनकी मानें तो गरीब-पिछड़ों के सामान्य वर्ग के बराबर पहुंचने से तेजस्वी यादव को अपनी राजनीति खतरे में नजर आ रही है।

फेसबुक के जरिए तेजस्वी यादव पर किया हमला
संजय जायसवाल ने अपने पोस्ट में लिखा है-“BPSC का रिजल्ट देखकर हमारे नौवीं पास नेता जी को पेट में जबरदस्त दर्द हो रहा है। उनकी पीड़ा यह है कि पिछड़ों का कटऑफ मार्क सामान्य वर्ग के बराबर कैसे हो गया। कह रहे हैं कि फिर रिजर्वेशन से क्या फायदा है। यानी 9वीं पास नेता जी बहुत खुश होते कि अगर सामान्य वर्ग के 535 के बदले पिछड़े वर्ग का 250 पर सेलेक्शन होता।” संजय जायसवाल ने अपने पोस्ट में लालू प्रसाद पर भी तंज कसा है। चरवाहा विद्यालय की याद दिलाते हुए संजय जायसवाल ने कहा- ” तेजस्वी के पिताजी ने बहुत मेहनत से चरवाहा विद्यालय बनाया था और जीवनभर पिछड़ों को लाठी में तेल पिलाने की ही राजनीति समझाते रहे। पढ़ाई के मामले में भी वह अपने समय की सरकारी नौकरियों की तरह पक्के समाजवादी थे। न तो वह चाहते थे कि बिहार के बेटे पढ़ाई करें और ना ही उन्होंने अपने बेटों को पढ़ाया। आज जब अपनी मेहनत से गरीब-पिछड़ों के बेटे सामान्य वर्ग के बराबर पहुंच गए हैं तो इनको अपना राजनीतिक भविष्य समाप्त होता दिख रहा है। ” BPSC के रिजल्ट में सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग का एक बराबर कट ऑफ लिस्ट है। अनुसूचित जाति वर्ग थोड़े ही अंतर पर है। संजय जायसवाल की मानें तो अगले 5 सालों में यह भी खत्म हो जाएगा।

तेजस्वी यादव ने कटऑफ पर उठाए थे सवाल
बिहार लोक सेवा आयोग ने 64वीं BPSC परीक्षा का फाइनल रिजल्‍ट छह जून को जारी कर किया था। परीक्षा का फाइनल रिजल्ट आने के बाद राज्य को 1454 अधिकारी मिले हैं। मंगलवार को रिजल्ट को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कटऑफ मार्क्स को लेकर नीतीश सरकार को घेरा था। ट्वीट कर तेजस्वी ने आरोप लगाया था कि इस परीक्षा में आरक्षित और अनारक्षित वर्ग के कटऑफ मार्क्स को बराबर कर दिया गया है। तेजस्वी यादव ने कहा था- “नीतीश जी ने 15 वर्षों में अपनी जाति की प्रति व्यक्ति आय बिहार में सबसे अधिक कराने के बाद बाकी पिछड़ी जातियों को लात मार दिया है।”

मांझी ने भाजपा को कहा था पेट दर्द का मरीज
भाजपा ने बुधवार को जिस तरह से तेजस्वी यादव के पेट दर्द की चर्चा की है, ठीक उसी तरह से मांझी ने भी मंगलवार को भाजपा पर वार किया था। भाजपा ने बिहार में दलितों पर अत्याचार बढ़ने के आरोप लगाए थे। इस आरोप पर जदयू तो चुप रहा, लेकिन मांझी ने भाजपा को जवाब दिया था। जीतन राम मांझी ने कहा था- असल में कुछ लोगों को दलितों-मुस्लिमों के बीच बढ़ती एकता की वजह से पेट दर्द हो रहा है। मांझी ने अपने इस बयान से सीधे भाजपा पर हमला किया था, लेकिन भाजपा इस पर चुप्पी साधे रही। भाजपा की तरफ से दलित अत्याचार के मुद्दे को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने उठाया था।

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