बिहार में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध का विरोध: व्यापारियों ने सरकार से मांगा समय, बंदी से लाखों रोजगार होगा प्रभावित

0
8



पटना18 मिनट पहले

प्रेस कांफ्रेंस करते बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अधिकारी।

बिहार सरकार 1 जुलाई 2022 से एकल उपयोग (Single Use) वाले प्लास्टिक के वस्तुओं का उत्पादन, क्रय-विक्रय, भंडारण सभी तरह के गतिविधियां पूरी तरह से प्रतिबंधित करने जा रही है। एकल उपयोग वाले वस्तु में कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्राॅ, ट्रे, मिठाई के डिब्बे पर लगने वाली पन्नी, निमंत्रण पत्र, सिगरेट पैकेट, 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक और पीवीसी बैनर आदि शामिल हैं। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने इसका विरोध करते हुए सरकार से और समय की मांग की है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष अरूण अग्रवाल ने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हम सरकार के इस कदम का समर्थन करते हैं। क्योंकि प्लास्टिक के वस्तुओं का निष्पादन वर्तमान में वैश्विक समस्या बन गयी है। लेकिन हमारी सबसे बड़ी चिंता इस उद्योग तथा इसमें लगे कामगारों के भविष्य को लेकर है। क्योंकि सिंगल यूज प्लास्टिक निर्माण व्यवसाय में भारी निवेश है, इसके माध्यम से लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा है।

एसोसिएशन के महासचिव आशीष रोहतगी ने कहा कि पूर्ण प्रतिबंध लगाने से पूरे देश में उद्योग-व्यापार के साथ आम जनता भी गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। वर्तमान में एकल उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पाद का विकल्प हमारे पास नहीं है। लाखों-करोड़ों लोगों से एक साथ रोजगार छिन जाएगा।

वहीं प्लास्टिक उत्पाद निर्माण कार्य से जुड़े उद्यमी प्रेम कुमार ने बताया कि सिर्फ 19 आइटमों को प्रतिबंधित कर प्लास्टिक कचरे में कमी नहीं लाई जा सकती है। इसके वाणिज्यिक उत्पादन में कमी लाने में 6 महीने से लेकर 1 वर्ष का समय लगने की संभावना है। बता दें कि वर्तमान में सिंगल उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पाद से संबंधित कच्चा माल IOCL, ONG, GAIL, Reliance जैसी कंपनियां उपलब्ध कराती है। इससे एक प्लास्टिक का ग्लास 30 से 50 पैसे में बन जाता है।

खबरें और भी हैं…



Source link