बेगूसराय गोलीकांड में पुलिस के खुलासे से पहले कंट्रोवर्सी: जमुई से अरेस्ट केशव के परिवार का दावा-वो घर पर था, पुलिस सबूत ले गई

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बेगूसराय गोलीकांड में पुलिस के खुलासे से पहले कंट्रोवर्सी: जमुई से अरेस्ट केशव के परिवार का दावा-वो घर पर था, पुलिस सबूत ले गई


बेगूसराय से अमित जायसवालएक घंटा पहले

बेगूसराय में हुए सीरियल गोलीबारी कांड में शुक्रवार को पुलिस खुलासा करने वाली है। लेकिन पुलिस के खुलासे से पहले ही एक बड़ी कॉन्ट्रोवर्सी भी शुरू हो गई है। झाझा स्टेशन पर ट्रेन से गिरफ्तार किए गए केशव उर्फ नागा के परिवार ने कहा कि घटना के समय वह घर पर था। पुलिस घर में लगे सीसीटीवी की DVR साथ ले गई है। परिवार ने सवाल पुलिस की कार्यशैली पर ही उठा दिया है।

पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए…

केशव के पिता राम विनय सिंह के अनुसार उनके बेटे केशव प्रसाद उर्फ नागा पर सीरियल गोलीबारी कांड में लगा आरोप गलत है। मेरे पास इसका प्रूफ था। घर मे CCTV कैमरा लगा हुआ था। जिसका DVR मशीन खोलकर पुलिस ले गई हैं।

केशव का परिवार, जिसने पुलिस पर खड़े किए सवाल।

इलाके के ग्रामीण भी इस बात के गवाह हैं। जब आपत्ति जताए तो पुलिस ने अपशब्दों का इस्तेमाल किया। कहा कि CCTV लगाता है। तुम्हारी औकात है। यह बोलकर पुलिस वाले ने हमें एक थप्पड़ भी मारा। यह बात कल (गुरुवार) सुबह 5 बजे के करीब घर के अंदर की है। उस पुलिस वाले को हम चेहरा से पहचानते हैं, पर नाम से नहीं जानते हैं। अगर, वो सामने आए तो हम पहचान जाएंगे।

मां किरण देवी ने दावा किया कि जिस वक्त बेगूसराय में सीरियल गोलीबारी हो रही थी, उस वक्त उनका बेटा केशव घर पर था। इसके बाद वो कुणाल होटल भी गया था। 13 सितंबर की शाम 5:35 में केशव होटल कुणाल में था। इस बात का सबूत उनके घर में लगा CCTV कैमरा है। मां ने कहा कि अगर मेरा बेटा इस क्राइम में है तो उसे सजा दीजिए और नहीं है तो उस पर ध्यान दीजिए, बेवजह मत फंसाइए।

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मां बोली-पुलिस के डर से भागा

मां ने माना कि उसके बेटे को पुलिस ने ट्रेन से झाझा स्टेशन पर पकड़ा। वो पुलिस के डर से भागा था। अपनी बुआ के घर रांची जा रहा था। कल जब घर पर पुलिस आई थी तो वो डर के कारण बाथरूम की खिड़की से भागा था। क्योंकि, उसके पहले पुलिस केशव के चचेरे भाई को पकड़ी थी।

चचेरे भाई के साथ पुलिस बहुत मारपीट कर रही है। इस कारण वो डर से कह रहा कि हां, इस घटना में हम थे। उसे कहां रखा गया है, ये हमें नहीं पता है। मेरे बच्चे को भी इतना पीटा है कि वो खड़ा भी नहीं हो पा रहा है। मेरे बेटे की उम्र अभी 16-17 साल है। जानबूझकर उसे पुलिस फंसा रही है।

‘2020 में गलत तरीके से भेजा गया जेल’

जब मां से यह सवाल पूछा गया कि क्या केशव की दोस्ती सुमित से थी? इस पर उन्होंने साफ इनकार किया। उनका दावा है कि इस मामले में उनका बेटा निर्दोष है। मां ने पुलिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब यह कांड हुआ तो उस वक्त पुलिस कहां थी और क्या कर रही थी? केशव एक बार जेल गया है। मोहल्ले में उसका किसी के साथ मारपीट हुआ था। उसके 15 दिन बाद एक दारोगा ने जबरन पिस्टल थमा कर आर्म्स एक्ट में जेल भेजा था। यह मामला 13 जनवरी 2020 का है।

बहन काजल ने कहा कि अब तक जो सबूत मिले हैं, उसके हिसाब से उसका भाई इस कांड में शामिल नहीं है। अगर वो इस कांड में शामिल है तो पुलिस उचित कार्रवाई करे और ऐसा नहीं है तो पुलिस हमारे फंडामेंटल राइट्स का हनन कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा- आतंकवादी घटना, असली का नाम छिपाया

इधर, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बेगूसराय गोलीकांड मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इसे आतंकवादी घटना करार दिया है। मंत्री ने कहा कि इसकी जांच NIA से कराई जानी चाहिए। बिहार सरकार अपराधियों के नाम छिपा रही है। इसलिए इसमें हिंदुओं का नाम दिखा रहे हैं। अपराधियों का असली नाम सरकार छुपा रही है।

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