बैंक PO का पति दहेज हत्या में दोषी करार: पटना के महात्मा गांधी नगर में जुलाई 2016 में ससुराल वालों ने चारुलता को मार डाला था, सजा 26 मार्च को

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पटना36 मिनट पहले

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  • 15 लाख न देने पर महिला बैंक अधिकारी की निर्मम तरीके से की गई थी हत्या
  • बैंक ऑफ बड़ौदा की कंकड़बाग शाखा में पदस्थापित थीं चारुलता

पटना सिविल कोर्ट के फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश जयप्रकाश सिंह की अदालत ने राजधानी के दहेज के लिए महिला बैंक अधिकारी की हत्या करने के मामले में बुधवार को पति को दोषी करार दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई 26 मार्च को होगी। अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के कांटी फैक्ट्री रोड स्थित महात्मा गांधी नगर के विभीषण कुटीर निवासी मृत्युंजय देव साकेत उर्फ गुंजन ( पति ) को भादवि की धारा 304 बी का दोषी पाया।

मृतका चारु उर्फ चारुलता बैंक ऑफ बड़ौदा की कंकड़बाग शाखा में PO के पद पर पदस्थापित थीं। उनकी शादी अभियुक्त मृत्युंजय से 27 जून 2012 को हुई थी। शादी में 20 लाख नगद, 10 लाख के जेवरात और 5 लाख के घरेलू सामान दिए गए थे। शादी के कुछ ही दिनों बाद अभियुक्त पति और परिवार के सदस्यों द्वारा 15 लाख रुपए की मांग की जा रही थी। मांग की पूर्ति नहीं होने पर चारुलता को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। इसी बीच चारु को एक पुत्र भी पैदा हुआ था। परंतु दहेज लोभी पति व परिवार के सदस्यों ने चारु की निर्मम हत्या कर दी।

इस बात की जानकारी मृतका की मां को 25 जुलाई 2016 को हुई। उन्होंने पत्रकार नगर थाना में कांड संख्या 214 / 2016 दर्ज करवाया जिसमें अभियुक्त पति, ससुर अनिल कुमार, सास रंजना चंचला, देवर सूर्य प्रकाश, ननंद संहिता और पुष्पा देवी को भी नामजद अभियुक्त बनाया था। पुलिस ने 28 जुलाई 2016 को मृत्युंजय को गिरफ्तार किया तथा अन्य लोगों के खिलाफ अनुसंधान जारी रखते हुए गिरफ्तार पति के खिलाफ 21 अक्टूबर 2016 को आरोप पत्र दाखिल किया था। अदालत में इस मामले के अपर लोक अभियोजक शिवेंद्र कुमार सिन्हा ने कुल 17 गवाहों का बयान दर्ज करवाया जबकि बचाव पक्ष की ओर से कुल 8 गवाहों का बयान दर्ज करवाया गया। अभियुक्त पति 28 जुलाई 2016 से ही जेल में बंद है।

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