भागलपुर के चोरों के सामने बौनी साबित हो रही पुलिस: थाने से ही कर ली बाइक चोरी, पिताृ-पुत्र समेत तीन गिरफ्तार

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भागलपुर5 घंटे पहले

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गिरफ्तार पिता-पुत्र।

भागलपुर में चोरों का उत्पात कम होता नही दिख रहा है। चोर अब पुलिस थानों को ही निशाना बनाने लगे। ताजा मामला बबरगंज थाना का है, जहां थाना कैम्पस में लगी एक बाइक को चोरों ने नाक के नीचे से गायब कर दिया। यह बहुत बड़ी बात थी इसलिए आनन फानन में थानाध्यक्ष ने सीसीटीवी फुटेज को खंगालाना शुरू किया। साथ ही थाना के लोकल स्पाय को भी लगाया।

ताबड़तोड़ खोजबीन के बाद पुलिस ने पिता-पुत्र सहित तीन लोगों को चोरी किए हुए बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में बबरगंज थाना क्षेत्र के बागबड़ी सकरुल्लाचक निवासी सुरेश यादव, उसके पुत्र रवि कुमार और मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र निवासी शशि गोस्वामी के पुत्र सुरेंद्र गोस्वामी शामिल है।

एक ही बाइक दो बार हुई चोरी
बताया जाता है कि BR10-L-3605 नम्बर की काले रंग की हीरो होंडा स्पलेंडर की चोरी पहली बार 17 नवम्बर को हुई जिसे बबरगंज थाना ने बरामद किया। इससे पहले कि बाइक मालिक अपने बाइक को कोर्ट की कार्यवाई पूरी कर उसे अपने घर ले जाते, चोर रविवार यानी 21 नवम्बर की देर रात करीब 1 बजकर 10 मिनट में थाने से उठाकर ले गए।

यह भी बताया जा रहा है कि उस रात इस बाइक को उड़ा ले जाने के बाद 225 सीसी की एक और बाइक को चोर ठेला पर लादने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन वह बाइक अत्यंत भारी होने की वजह से उठा नहीं सके। इस पूरे खेल में पुलिस की नजर उन चोरों पर पड़ गई, जिससे वो फरार हो गए। लेकिन ठेला नहीं ले जा सके। पुलिस ने ठेला को जब्त कर लिया है। जानकार तो यह भी बताते हैं कि थाने में विगत 6 महीने पहले लगे एक ट्रेक्टर का बैटरी भी चोर उड़ा ले गए हैं।

ससुराल में छिपा रखा था बाइक
गिरफ्तार आरोपी रवि यादव ने बताया कि बीआर 10-एल-3605 नम्बर की काले रंग की हीरो होंडा स्पलेंडर को लेकर उसे अपने ससुराल लोदीपुर थाना क्षेत्र के बसंतपुर निवासी स्व हीरो यादव के पुत्र विजय यादव के घर पर रख आए। पुलिस ने निशानदेही के आधार पर रवि के ससुराल से बाइक बरामद किया।

रवि ने बताया कि वह टमटम चलाता है और यह उसका पहला कांड है, जबकि सुरेंद्र कुमार गोस्वामी ने बताया कि दो तीन वर्ष पूर्व में भी वह जेल जा चुका है। उस पर बमबाजी का आरोप था और उस वक्त वह नाबालिग था। इस वजह से करीब डेढ़ महीने में वह रिहा हो गया था। अभी वह आइसक्रीम बेचता है। उसने कहा कि पुलिस ने मुझे बेवजह गिरफ्तार किया। बाइक चोरी से उसे कोई लेना देना नहीं है।

क्या कहते हैं वरीय पदाधिकारी
इस बारे में सिटी एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि बाइक चोरी हुई थी, जिसे बरामद कर लिया गया और चोर भी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि सवाल है कि आखिर थाने से बाइक कैसे चोरी हो गयी? उस वक्त ड्यूटी कर रहे ओडी पदाधिकारी सहित अन्य पुलिसकर्मी क्या कर रहे थे? जब चोर से खुद थाना नहीं बच पा रहा है, तो ऐसे में आम जनता कितना महफूज रह सकती है।

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