मुजफ्फरपुर जहरीली शराब कांड में बड़ा खुलासा: विदेशी नहीं देसी झमरुआ शराब पीने से हुई थी मौत, केमिकल और टेबलेट मिलाकर बनाई गई थी

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मुजफ्फरपुर26 मिनट पहले

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पुलिस द्वारा नष्ट की गई शराब की भठि्ठयां।

मुजफ्फरपुर जहरीली शराब कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। कांटी प्रखंड के सिरसिया और बरियारपुर में छह लोगों की मौत विदेशी नहीं देसी शराब पीने से हुई थी। DSP पश्चिम अभिषेक आनन्द ने बताया कि अब तक की जांच में देसी शराब पीने की बात ही सामने आई है। फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) टीम भी जांच में जुटी हुई है। शीघ्र ही रिपोर्ट आने के बाद इस पर मुहर भी लग जाएगी।

कांटी मामले में देसी शराब गांव में ही बनी थी। इसे स्थानीय तस्कर ने ही बनवाया था। स्थानीयों लोगों के अनुसार, प्रत्याशियों के इशारे पर वोटरों को लुभाने के लिए वही जहरीली शराब बंटवाई गई थी। जिसको पीने से 6 लोगों की मौत हो गई और आधा दर्जन लोग बीमार हैं। इससे पहले सरैया, मनियारी और कटरा में जो मौतें हुई थी। वो नकली विदेशी शराब पीने से हुई थी। जिसे जिले में ही बनाया गया था।

गांव-गांव में बनती है झमरुआ
स्थानीय हरेश कुमार ने कहा कि- “शायद ही कोई ऐसा गांव हो जहां देसी/झमरुआ शराब नहीं बनती हो। हर गांव में दर्जनों ठिकाने होते हैं। पुलिस को इसका पता भी होता है। लेकिन, कोई कार्रवाई पुलिस नहीं करती है। इससे स्पष्ट है कि पुलिस के संरक्षण में ही शराब का ये खेल चल रहा है।

छह लोगों की हो चुकी मौत
कांटी प्रखंड में सोमवार से गुरुवार तक में 6 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में अशोक राय (50), सुमित कुमार उर्फ गोपी (25), रामबाबु साह (65), दिलीप राय (50), शहजाद अली (50) और कृष्णनंदन झा (35) शामिल है। जबकि मनोज कुमार, लालबाबू और सदानन्द का SKMCH में इलाज चल रहा है। वहीं, कुछ लोग अभी भी चोरी छिपे इलाज करवा रहे हैं। जिसका पता लगाने में पुलिस जुटी हुई है।

केमिकल और नशीला टेबलेट का इस्तेमाल
खुलासे में पता चला कि देसी शराब बनाने के लिए धंधेबाज एक विशेष केमिकल और नशीला टेबलेट डालते हैं। इसे पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से मंगाया जाता है। इसके अलावा स्प्रिट का भी इस्तेमाल किया जाता है। जो काफी जानलेवा होता है।

IG के निर्देश के बाद हुई ताबड़तोड़ छापेमारी
तिरहुत रेंज के IG गणेश कुमार ने शराब संबंधित मामले की समीक्षा की थी। और सभी DSP और थानेदारों को सख्त निर्देश दिया था। कहा था कि क्षेत्र में जितने भी शराब के छोटे-बड़े अड्डे हैं। उन्हें अविलम्ब चिन्हित कर विनिष्ट करें। अन्यथा थानेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद जिला पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर दर्जनों शराब के अड्डे को ध्वस्त किया था।

विभिन्न जगहों से जब्त शराब।

विभिन्न जगहों से जब्त शराब।

10 लाख की शराब जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार
कुढ़नी पुलिस ने पदमौल घाट के समीप से एक पिकअप वैन पर से भारी मात्रा में शराब जब्त की। मौके से एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया। उसके नाम पते का सत्यापन किया जा रहा है। पिकअप पर से 782 कार्टन शराब जब्त की गई है। वहीं, उत्पाद विभाग की टीम ने हथौड़ी थाना क्षेत्र के भुताने सुबधिया टोला में शंकर राय के घर से आठ कार्टन और 28 बोतल विदेशी शराब जब्त किया। मौके से धंधेबाज फरार हो गया।

इधर, सकरा, अहियापुर, सिकन्दरपुर और पारू पुलिस ने भी शराब जब्त किया। जब्त की गई शराब की कीमत 10 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है। पुलिस ने 6 तस्करों को भी दबोचा गया है। इन सभी से पूछताछ कर नाम पते का सत्यापन किया जा रहा है। उत्पाद निरीक्षक कुमार अभिनव ने बताया कि संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सभी सूचनाओं को फॉलो किया जा रहा है। टीम का मुख्य फोकस डिलीवरी बॉय पर है। क्योंकि ये लोग ही शराब पहुंचने का मुख्य माध्यम हैं। इनकी गिरफ्तारी से शराब के ठिकानों का पता चलेगा।

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