राहुल गांधी के जन्मदिन पर टूटा कोरोना नियम: बच्चों के बीच मास्क, सैनिटाइजर और कॉपी-पेंसिल बांटने के दौरान होने लगी धक्का-मुक्की, कार्यकर्ताओं ने भी नहीं रखा दो गज की दूरी का ख्याल

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पटना20 मिनट पहले

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सदाकत आश्रम में इस तरह उमड़ पड़ी बच्चों की भीड़।

  • जिस कांग्रेस के कई नेता कोरोना की चपेट में आए तो किसी तरह जान बची, वहां यह हाल दिखा

कांग्रेस ने अपने युवा नेता राहुल गांधी का जन्म दिन मनाया। इस अवसर पर बच्चों के बीच कॉपी, पेंसिल, कलम आदि के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को सैनिटाइजर, मास्क और अनाज पार्टी कार्यालय सदाकत आश्रम में दिए गए। सामान वितरण करते समय लगी लाइन टूटती रही और कोरोना प्रोटोकॉल से जुड़ी सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जी उड़ती रही। लोग कतार में भी इतने सटे रहे कि लग ही नहीं रहा था कि किसी के अंदर कोरोना का कोई खौफ है।

पार्टी नेता भी नजदीक-नजदीक
यह वही कांग्रेस है, जिसके प्रदेश प्रभारी भक्त चरण दास, प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई नेता कोरोना की चपेट में आए और बहुत मुश्किल से ठीक हुए हैं। इस सब के बावजूद कांग्रेस के आयोजन में कोरोना का कोई डर नहीं दिखा। नेताओं के बीच भी यह प्रोटोकॉल महज मास्क तक ही सीमित दिखा। छोटे से कमरे में जब प्रदेश प्रभारी भक्त चरण दास का स्वागत बुके देकर किया जा रहा था, पार्टी के तमाम नेताओं की कुर्सियां सटी-सटी दिखीं। दो गज की दूरी, किसे कहते हैं यह शायद यहां किसी को पता नहीं।

प्लानिंग का अभाव
सामग्री के वितरण के समय खास तौर पर बच्चे कतार में बिल्कुल धक्का-मुक्की करते खड़े दिखे। बच्चों के लिए कोरोना प्रोटोकॉल के मामले में ऐसी ही अनदेखी राष्ट्रीय जनता दल के आयोजन में भी दिखी थी, जिसमें लालू प्रसाद के जन्म दिन के अवसर पर बच्चों के बीच कॉपी, पेंसिंल आदि RJD कार्यालय के बाहर बांटे गए थे। RJD के कार्यक्रम में तो बच्चों ने छीना-झपटी मचा दी थी। कई बच्चे गिर गए थे। इसके पीछे सही प्लानिंग का अभाव ही दिखता है।

राजनीतिक कार्यक्रम में कहां गई सख्ती
कोरोना प्रोटोकॉल को लेकर शहर में आम लोगों के कार्यकर्मों में प्रशासन की जैसी सख्ती दिखती है वैसी किसी तरह की सख्ती राजनीतिक पार्टियों के आयोजन में नहीं दिखती। राहुल गांधी के जन्म दिन के अवसर पर सदाकत आश्रम में भी यह सख्ती नहीं दिखी।

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