वैशाली महोत्सव के दूसरे दिन उमड़ी भीड़: लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी ने बांधा समां, बिहार की माटी की दिखी खुशबू

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वैशाली6 घंटे पहले

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वैशाली में आयोजित तीन दिवसीय वैशाली महोत्सव के दूसरे दिन आज शाम महोत्सव के मुख्य मंच से बिहार की प्रसिद्ध लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने बिहार की माटी की खुशबू से समाहित अनेक पारंपरिक गीतों की शानदार प्रस्तुति की। कार्यक्रम के दौरान बिहार की गौरव की गाथा का गान करते हुए उन्होंने जिस धरा पर हमने जन्म लिया। वहीं, हमारा मान है ए बिहार की धरती तुझ पर जीवन कुर्बान है प्रस्तुत किया।

लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत ने मगही झूमर मगहिया पान हमरा खिलईहा पिया जी, मैथिली भाषा में झिझिया गीत तोहरे भरोसे बरहम बाबा झिझिया बनईलियई हो,शिव विवाह पर आधरित लोकगीत बज्जिका भाषा में चउका पुरेले नउनिया शिव जी बैठलन ओठगनिय जैसे गीत सुना कर नीतू नवगीत ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

वहीं लोक गायिका मिंटू रानी ने जरिया से सींचा मेरा छुअलन लीलारवा राम, ताकि दिन से ना नईहर हो गईले जुनूनवा हो राम… की प्रस्तुति से दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। वहीं रीचा चौबे की वैशाली गीत जईसे गगनवा में चांद बा ओइस ही वैशाली नगरिया हमरे, देशना के शान बा., दमा दमा दम मस्त कलंदर अली दा पहला नंबर पर दर्शकों को खूब झुमाया। इनकी प्रस्तुति पर पूरा दर्शक दीर्घा तालिंयों की आवाज से गूंज उठा।

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