सत्संग का शुभारंभ: राम नाम का जप निरंतर करना चाहिए, इसी में जीव मात्र का कल्याण है: देवाचार्य

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लिधौराएक घंटा पहले

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  • मलूक पीठाधीश्वर के पांच दिवसीय सत्संग का हुआ शुभारंभ

नगर के बड़ा लक्ष्मण मंदिर मंदिर मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज का पांच दिवसीय विनय पत्रिका सत्संग का शुभारंभ किया गया। यह विनय पत्रिका तुलसीदास ने भगवान राम के लिए पत्र के रूप में लिखी थी। जिसमें विनती के 279 पद है। जिस कथा का वाचन महाराज देवाचार्य ने लॉक डाउन में शुरू किया था। अभी 130 पद संख्या की कथा की जा रही है।

महाराज देवाचार्य ने कथा में कहा कि जीव का कल्याण भगवान के नाम हैं। जब तक जीव का समर्पण भगवान के प्रति नहीं होती, तब तक भगवान की प्राप्ति नहीं होती। महाराज ने कहा कि हृदय में जब तक भगवान के प्रति विरह वेदना नहीं जगती, तब तक भगवान की प्राप्ति नहीं होती।

उन्होंने गोपियों के उदाहरण देते हुए कहा कि गोपियों श्रीकृष्ण की स्तुति की गीत गाए, लेकिन भगवान प्रकट नहीं हुए। जब गोपियां विरह वेदना में रोकर हे कृष्ण, हे कृष्ण पुकारने लगी। तभी भगवान उनके बीच में प्रकट हो गए। मलूक पीठाधीश्वर महाराज ने कहा कि राम नाम में स्वाद आए या ना आए निरंतर नाम जप करना चाहिए। इसी में जीव मात्र का कल्याण है। भगवान का नाम कल्याणकारी है।

भगवान एवं भगवान का नाम मंगलकारी है। भगवान के चरणकमलों का स्मरण ही मंगलकारी है, जिनके स्मरण से सभी अमंगल दूर हो जाते है। अमंगल की निर्वित्ति श्रीराम नाम है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का भेष अमंगल है, लेकिन निरंतर राम नाम जपने के कारण मंगलकारी हैं, वे कहते हैं भेष से भले ही अमंगल हो यदि वह राम नाम जपता है वह भी मेरी तरह मंगलकारी हो जाता है।

महाराज ने कहा- भारत प्रत्येक क्षेत्र में 19 नहीं 21 ही रहेगा

वर्ष 2020 कथा कीर्तन के माध्यम से बीता है। व्यहारिक नवीन वर्ष का शुभारंभ लिधौरा के ऐतिहासिक लक्ष्मण मंदिर में विनय पत्रिका के कथा सत्संग से होने जा रहा है। यह बड़े सौभाग्य की बात है। महाराज ने कहा कि यह मंदिर ओरछा रामराजा मंदिर के पहले का है। ओरछा राज्य की स्थापना रुद्रप्रताप जू देव ने की। उसी काल में इस मंदिर की स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि नए वर्ष 2021 के आरंभ हो रहा है, इसलिए भारत प्रत्येक क्षेत्र में 19 नहीं 21 ही रहेगा।

विनय पत्रिका का नित्य सत्संग लॉक डाउन से प्रारंभ

मलूक पीठाधीश्वर महाराज ने कहा कि जब वैश्विक महामारी के कारण भारत लॉक डाउन शुरू हुआ था। उसी समय से नित्य विनय पत्रिका का सत्संग आरंभ हुआ था, जो निरंतर हो रहा। जिसका प्रसारण सोशल मीडिया के माध्यम से किया जा रहा है। आज लिधौरा मंदिर प्रांगण में विनय पत्रिका के 130वें पद संख्या से कथा आरंभ हुआ।



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