सबौर में 1462 प्रत्याशियों का भाग्य EVM में कैद: 13 पंचायतों के 163 मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्वक हुई वोटिंग, दोपहर बाद तेज हुई रफ्तार

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भागलपुर44 मिनट पहले

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एक बूथ पर वोटिंग के लिए खड़े मतदाता।

आठवें चरण के पंचायत चुनाव में बुधवार को सबौर के 13 पंचायतों के 163 मतदान केंद्रों पर भारी पुलिस बल की तैनाती में मतदान का कार्य शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। अलग-अलग पदों पर खड़े 1462 प्रत्याशियों के भाग्य के फैसले को 94,122 मतदाताओं ने मतपेटी और ईवीएम मशीन में बंद कर दिए।

बुधवार को सुबह 7 बजे से मतदान का कार्य शुरू हुआ। शुरुआती समय से लगभग 12 बजे सबौर प्रखंड के सभी बूथों पर मतदाताओं की संख्या में भारी कमी देखी गई। वहीं कुछ ऐसे बूथ भी थे, जहां पर मतदाताओं की संख्या अधिक थी। दोपहर बाद वोटिंग की रफ्तार तेज हुई।

प्रोस्टेट की बीमारी से जूझ रहे ज्योति विहार निवासी 82 वर्षीय उमेश चंद्र सिंह ज्योति अपने मतदान केंद्र संख्या 10 पर अपने मत का प्रयोग किए। इस दौरान उन्होंने बताया कि जो गांव का विकास करेगा, उसी को अपना मत दिया है। वही मध्य विद्यालय झुरखुरिया में मतदान केंद्र संख्या 18 पर लगातार प्रत्याशियों द्वारा एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए नजर आए। इस बात की सूचना मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और भीड़ लगाने वाले लोगों को खदेड़ा। हालांकि इस बीच प्रशासन के कड़े रुख अपनाने के बाद दोनों प्रत्याशी को शांत कराया गया।

प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर की बूथ संख्या आठ पर सुबह-सुबह महिलाओं की लंबी कतार दिखी लेकिन 1 घंटे के बाद फिर भी नदारद दिखी। खानकित्ता एवं इंग्लिश कन्या मध्य विद्यालय पर सुबह-सुबह ईवीएम खराब हो गई, लेकिन फिर तत्काल में उसे बदलकर मतदान कार्य की सेवा फिर से पुनः बहाल की गई।

सबौर प्रखंड के दो मतदान केंद्रों को आदर्श मतदान केंद्र बनाया गया था। इसके अलावा यहां अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 10 और संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 23 थी। मध्य विद्यालय झुरखुरिया के मतदान केंद्र संख्या 18 पर वहां के बूथ मजिस्ट्रेट ने एक महिला को मतदान करने से रोक दिया, क्योंकि वह महिला किसी रीना देवी बदले मत देने के लिए पहुंची थी। मध्य विद्यालय झुरखुररिया में 90 वृद्ध महिला सुशीला देवी ई-रिक्शा के सहारे मतदान केंद्र पर पहुंची। मतदान खत्म होने के समय मध्य विद्यालय झुरखुरिया 18 पर तैनात पुलिस कर्मी अचानक तबीयत खराब हो जाने की वजह से गिर गए, जिसके बाद उन्हें वहीं के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

आदर्श मतदान केंद्र पर व्यवस्था बदहाल

सबौर प्रखंड में बुधवार को हुए मतदान में दो जगह आदर्श मतदान केंद्र बनाया गया था। बूथ संख्या 6 और 7 रानी तालाब और मिराचक के मध्य विद्यालय मीराचक 4 आदर्श मतदान केंद्र थे। मध्य विद्यालय मीराचक में बने आदर्श मतदान केंद्र पर जिला प्रशासन द्वारा जो मूलभूत सुविधाएं होनी थी, वह मौजूद नहीं थी।

मतदान करवाने पहुंचे अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि जब हम लोग रात्रि में यहां पहुंचे तो किसी भी तरह की सुविधाएं नहीं थी, सिर्फ लाइट था। 2 शौचालय की व्यवस्था होने के बावजूद भी एक ही शौचालय खोला गया था, जबकि मतदान करवाने आए कर्मियों में महिला भी शामिल थी। जो सुविधाएं एक आदर्श मतदान केंद्र पर होनी थी वह नहीं थी। सुबह लगभग 11 बजे के करीब जनप्रतिनिधियों द्वारा वहां पर सिर्फ एक जार पानी की व्यवस्था कराई गई, जबकि वहां चार बूथ हैं। वहां पर खाना बनाने का कार्य मध्य विद्यालय मीराचक के हेडमास्टर सुधा कुमारी को सौंपा गया था। वो भी नही आई थी, जिसके वजह से मतदान करवाने आए कर्मियों को भोजन के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।

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