सरस्वती पूजा में 50 से ज्यादा लोग नहीं होंगे शामिल: नालंदा डीएम ने दी जानकारी, 6 फरवरी तक प्रभावी रहेगी कोरोना गाइडलाइन

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नालंदा26 मिनट पहले

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सरस्वती पूजा में 50 से ज्यादा लोग नहीं होंगे शामिल।

नालंदा में सरस्वती पूजा के आयोजन को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी शशांक शुभंकर एवं पुलिस अधीक्षक अशोक मिश्रा ने अनुमंडल, प्रखंड एवं थाना स्तरीय पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। जिसमें बताया गया कि राज्य सरकार के स्तर से जारी वर्तमान कोविड गाइडलाइन 6 फरवरी तक प्रभावी है।

इस अवधि में सभी विद्यालय, कॉलेज, कोचिंग संस्थान एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। वर्तमान में प्रभावी गाइडलाइन के अनुरूप किसी भी शैक्षणिक संस्थान में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित नहीं की जाएगी। वहीं, धार्मिक स्थल भी प्रभावी गाइडलाइन के अनुरूप केवल आंतरिक पूजा के लिए खुले हैं। इसमें श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित है। परंपरागत रूप से टेंट-पंडाल में सरस्वती पूजा का आयोजन करने वाले आयोजकों को कोविड गाइडलाइन एवं अन्य प्रभावी गाइडलाइन के अनुपालन की शर्तों के साथ लाइसेंस प्राप्त करना होगा।

पूजा स्थल पर 50 लोगों के ही भीड़ की इजाजत

पूजा स्थल पर किसी भी समय 50 से अधिक व्यक्तियों का जमावड़ा नहीं होना चाहिए। डीजे पूर्ण तरह से प्रतिबंधित है, इसलिए किसी भी परिस्थिति में इसका उपयोग नहीं किया जाएगा। इस आशय का नोटिस सभी डीजे संचालकों को भी निर्गत करने का निर्देश दिया गया। इसका उल्लंघन करने वाले के विरुद्ध करवाई के साथ-साथ डीजे उपकरण भी जब्त किया जाएगा। पूजा के आयोजन के लिए निर्गत लाइसेंस में सभी शर्तों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा। आयोजन कर्त्ता के साथ-साथ वॉलेंटियर्स का भी नाम, पता एवं मोबाइल नंबर आवेदन के साथ लिया जाएगा।

विसर्जन जुलूस में डीजे पर प्रतिबंध, अधिकतम 10 लोग ही हो सकते हैं शामिल

प्रतिमा के विसर्जन में किसी भी तरह का जुलूस /शोभा यात्रा नहीं निकाली जाएगी। अधिकतम 10 लोगों के साथ प्रतिमा विसर्जन की अनुमति होगी। कोविड अनुकूल व्यवहार एवं लाइसेंस की शर्तों के अनुपालन के साथ ही पूजा आयोजन की अनुमति रहेगी। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख विसर्जन घाटों पर नाव की उपलब्धता एवं गोताखोर की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

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