सिविल कोर्ट में जीतन राम मांझी के खिलाफ परिवाद दायर: परिवाद में कहा- सनातन धर्मवलंबी आहत हैं, उनके धार्मिक भावना को ठेंस पहुंचा है

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गोपालगंजएक घंटा पहले

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कोर्ट में परिवाद दायर करने पहुंचे।

हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी पर एक व्यक्ति ने सिविल कोर्ट गोपालगंज में परिवाद दायर किया। दायर परिवाद में कहा गया है कि जीतन राम मांझी का अमर्यादित बयान है और सनातन धर्म पर कुठाराघात है। साथ ही ब्राह्मण सामाज को गाली देना ब्राह्मण समाज कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता। दरअसल, हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी द्वारा खुले मंच से ब्राह्मणों व सत्यनारायण पूजा के खिलाफ दिए गए अमर्यादित टिप्पणी के कारण ब्राह्मणों के बीच आक्रोष व्याप्त है। साथ ही विभिन्न थानों में मांझी के खिलाफ मामले दर्ज हो रहे हैं।

वहीं, गोपालगंज जिले के सिविल कोर्ट में बरौली निवासी श्री राम त्रिपाठी के पुत्र विजय किशोर मणि त्रिपाठी ने सिविल कोर्ट में परिवाद दायर कर मांझी पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान विजय किशोर मणि त्रिपाठी ने बताया कि जीतन राम मांझी द्वारा सार्वजनिक स्थल पर जहां हजारों लोग उपस्थित थे सनातन धर्म के ईष्ट देवता सत्यनारायण भगवान और ब्राह्मण समुदाय को सार्वजनिक रूप से गाली दिया गया। सनातन धर्मावलंबियों, ब्राह्मणों की भावना को न सिर्फ आहत कर रहा है। बल्कि धार्मिक उन्माद फैलाकर समाज में कटुता एवं गृह युद्ध की स्थिति पैदा करना चाहता है। अभियुक्त के इस बयान से अभियोगी एवं अन्य सनातन धर्मवलंबी आहत हैं और उनके धार्मिक भावना को ठेंस पहुंचा है। उन्होंने अभियुक्त के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उचित दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की।

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