सुनवाई: डीआरडीए के सर्टिफिकेट केस की सुनवाई पूरी,एक साल में पूरी हुई सुनवाई, फैसला सुरक्षित रखा

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भागलपुर29 मिनट पहले

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बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक स्थित डीआरडीए के खाते से सृजन महिला विकास सहयोग समिति के अकाउंट में करीब 89 करोड़ रुपए फर्जी तरीके से ट्रांसफर होने के मामले में दायर सर्टिफिकेट केस में शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई। जिला नीलाम पदाधिकारी सह डीडीसी सुनील कुमार ने दोनों पक्षों की दलील के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। करीब एक साल में इस मामले का निबटारा हो सका है। बीते साल 2020 में 20 मार्च को ही डीआरडीए ने बैंकों पर सर्टिफिकेट केस दर्ज किया था। इससे पहले बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक की ओर से दलील दी गई कि सृजन मामले की जांच सीबीआई कर रही है।

जांच अभी जारी है, इस मामले में जांच एजेंसी ने अब तक सीबीआई कोर्ट में फाइनल रिपोर दाखिल नहीं किया है। ऐसे में सर्टिफिकेट कोर्ट में केस चलने का औचित्य ही नहीं रह जाता है। जबकि डीआरडीए के निदेशक प्रमोद कुमार पांडेय ने कहा कि सरकारी पैसे बैंकरों की गलती या साजिशन सृजन के खाते में गई है, इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी कर रही है। खाते से पैसे निकलने पर बैंक की देनदारी तय है। ऐसे में बैंक देनदारी से पीछे नहीं भाग सकता है। बता दें कि बीते साल 20 मार्च को बैंक ऑफ बड़ाैदा पर 40.18 कराेड़ और इंडियन बैंक पर 49.64 कराेड़ रुपए की वसूली के लिए सर्टिफिकेट केस किया गया था।

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