स्वास्थ्य विभाग की याेजनाओं की समीक्षा: डाॅक्टराें की उपस्थिति रिपाेर्ट नहीं देने पर चांदन व बारा के हेल्थ मैनेजर को शोकॉज

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स्वास्थ्य विभाग की याेजनाओं की समीक्षा: डाॅक्टराें की उपस्थिति रिपाेर्ट नहीं देने पर चांदन व बारा के हेल्थ मैनेजर को शोकॉज


भागलपुर30 मिनट पहले

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कमिश्नर दयानिधान पांडेय ने मंगलवार को बरारी स्थित निर्माणाधीन सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और भागलपुर व बांका की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। राेज सुबह नौ बजे तक हेल्थ मैनेजर की ओर से दी जाने वाली डॉक्टरों की उपस्थिति रिपोर्ट में कोताही बरते जाने पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। अगस्त में उपस्थिति की रिपोर्ट नहीं देने पर बांका के चांदन व बाराहाट के हेल्थ मैनेजर से स्पष्टीकरण पूछते हुए सेवामुक्त करने का निर्देश दिया गया। वहीं समय पर उपस्थिति रिपोर्ट नहीं देने पर बांका जिले के धोरैया व बांका के हेल्थ मैनेजर के 50 प्रतिशत वेतन कटौती, जबकि बांका जिले के अमरपुर और भागलपुर जिले के सन्हौला, सुल्तानगंज व जगदीशपुर के हेल्थ मैनेजर के 25 प्रतिशत वेतन कटौती करने का निर्देश संबंधित सिविल सर्जन को दिया गया। एंबुलेंस में जीपीएस लगाने और राेज की रिपोर्ट सिविल सर्जन को लेने का निर्देश दिया गया, ताकि एंबुलेंस का अनावश्यक उपयोग नहीं हो सके। बैठक में क्षेत्रीय अपर निदेशक (स्वास्थ्य) और दोनों जिले के सिविल सर्जन मौजूद थे।

एंबुलेंस में जीपीएस लगवाएं और इसकी राेज रिपाेर्ट लें

सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल अब तक चालू नहीं हाेने के पीछे दाे खामियां पकड़ी गईं
कमिश्नर ने बरारी स्थित निर्माणाधीन सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का काम पूरा नहीं होने और संचालन शुरू नहीं होने में तीन खामियां समीक्षा के दौरान पकड़ी। बिजली के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने बताया कि बिजली संबंधी कार्य का निरीक्षण वरीय विद्युत निरीक्षक को करना है। पटना में पदस्थापित वरीय विद्युत निरीक्षक को इसके लिए पत्र लिखा गया है और निरीक्षण रिपोर्ट मांगी गई है। लेकिन अभी तक निरीक्षण रिपोर्ट नहीं मिली है। इस पर कमिश्नर ने ऊर्जा सचिव को पत्र लिखने का निर्देश दिया। दूसरी खामी यह मिली कि स्वास्थ्य विभाग को पूर्व में पत्र भेजे जाने के बाद भी नियुक्ति नहीं हो सकी है। इस पर रिमाइंडर भेजने काे कहा गया। तीसरी परेशानी राशि नहीं मिलने की है।

अस्पतालों में एक्स-रे और सोनोग्राफी कम हाेने पर प्रभारी पदाधिकारियाें काे शाेकाॅज, जांच के भी निर्देश दिए
अस्पतालों में एक्स-रे व अल्ट्रासोनोग्राफी (यूएसजी) के माध्यम से हुई जांच रिपोर्ट की भी कमिश्नर ने समीक्षा की। इसमें कमी पायी गई। जिन अस्पतालों में कमी आई है, उनके प्रभारी पदाधिकारियों से शोकॉज पूछने और घटने की जांच करने का निर्देश दिया गया। भागलपुर सदर अस्पताल में जुलाई में 4328 एक्स-रे हुआ था और अगस्त में 38 एक्स-रे ही हुआ। कहलगांव अनुमंडल अस्पताल में जुलाई में 699 एक्स-रे हुआ था और अगस्त में घट कर यह 432 हो गया। सबौर पीएचसी में एक्स-रे की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।

गोराडीह में जून में 205 एक्स-रे हुआ था, लेकिन जुलाई और अगस्त में नहीं हुआ। सीएस ने बताया कि मशीन खराब है। इसकी मरम्मत कराने काे कहा गया। नवगछिया में तकनीशियन के नहीं रहने के कारण अल्ट्रासोनोग्राफी बंद रहने की बात कही गई। इस पर कमिश्नर ने किसी डॉक्टर को ट्रेनिंग देकर यूएसजी चालू कराने का निर्देश दिया। सरकारी अस्पतालों में होने वाली सिजेरियन डिलेवरी भागलपुर में बढ़ी है। यहां जुलाई में लक्ष्य के मुताबिक 56 प्रतिशत डिलेवरी हुई थी, अगस्त में 82 प्रतिशत (317) हुई।

भागलपुर में ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी
भागलपुर में ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। यहां जुलाई में 54 प्रतिशत मरीज आये थे। अगस्त में 297697 लक्ष्य के मुकाबले 167242 मरीज अाए। वहीं बांका में मरीज घट गए। यहां जुलाई में लक्ष्य के विरुद्ध 45 प्रतिशत मरीज आए थे। अगस्त में 199277 लक्ष्य के मुकाबले 77714 मरीज ही पहुंचे। इंडोर में भागलपुर में जुलाई में लक्ष्य के 187 प्रतिशत मरीज भर्ती हुई, जबकि अगस्त में 30263 मरीज आए।

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