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पटनाएक घंटा पहले
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BJP की नरकटियागंज विधायक रश्मि वर्मा ।
भाजपा की नरकटियागंज विधायक रश्मि वर्मा इस्तीफा प्रकरण के बाद आज पहली बार भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंची। जहां रश्मि वर्मा गाड़ी से उतर कर मीडिया से बिना बात किए सीधे प्रदेश अध्यक्ष के कक्ष में उनसे मुलाकात करने चली गई है। ऐसे में मीडिया कर्मियों ने उन से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने यह कहते हुए बात को टाल दिया कि वह प्रदेश अध्यक्ष से बात करके निकलेंगी तब इस मामले पर अपनी पूरी प्रतिक्रिया देंगी।
बता दें कि 9 जनवरी को भाजपा की नरटकटियागंज विधायक ने इस्तीफे देने का ऐलान किया था। रश्मि वर्मा ने अपने इस्तीफे में ये लिखा था कि वो अपनी निजी कारणों से इस्तीफा दे रही हैं। उन्होंने इस्तीफे के लेटर के साथ अपना फोटो भी जारी किया था। साथ ही कहा था कि वो जल्द ही इसे विधानसभा अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष को सौंप देंगी। इसके पहले वो मीडिया के सामने आईं और इसका ऐलान किया था।
इस्तीफा वाले पत्र के साथ विधायक रश्मि वर्मा।
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने किया डैमेज कंट्रोल
वहीं, मामला सामने आने के बाद बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने उसी दिन शाम को बेतिया में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जहां उन्होंने कहा कि विधायक की इस्तीफे वाली तस्वीर सही है, लेकिन इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं है। उन्होंने पारिवारिक संपत्ति विवाद में की गई टिप्पणियों से आहत होकर गुस्से में ऐसा कदम उठाया है। वो पटना के लिए निकल गई थीं। मेरी बात हो गई है। अब वो वापस घर आ रही हैं। इस बात को यहीं खत्म समझा जाए।
बेतिया में शाम को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान संजय जायसवाल।
विवादों से रहा है पुराना नाता
भाजपा की विधायक रश्मि वर्मा का नाम दिसंबर 2020 में चर्चा में आया था, तब उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकियां मिली थी। उन्होंने थाने में शिकायत की थी कि उनसे 20 लाख रुपए की रंगदारी मांगी जा रही है। इसी तरह का मामला साल 2015 में चुनाव के दौरान ही सामने आया था। उन्होंने धमकी भरा खत मिलने की शिकायत पुलिस से की थी। पत्र में लिखा था तुम्हारे चुनाव लड़ने और नॉमिनेशन करने से हम लोगों के लक्ष्य में बाधा पहुंच रही है।
2015 वाले मामले में रश्मि वर्मा ही आई थी सवालों के घेरे में
विवाद का सिलसिला यही नहीं थमा। हंगामा तब मच गया जब रश्मि वर्मा के कार्यालय के बाहर टाइम बम होने की खबर मिली। इस बम के साथ भी धमकी भरा खत था, जिसको लेकर रश्मि वर्मा ने शिकारपुर थाने में शिकायत की थी। टाइम बम होने की खबर ने पुलिस की नींद उड़ा दी और जांच के लिए मुजफ्फरपुर से विशेष टीम बुलाई गई, जिसमें बम नकली निकला। इसके बाद रश्मि वर्मा की सुरक्षा कड़ी कर दी गई। माना जाता है इस घटना के कारण ही रश्मि वर्मा को खूब सहानुभूति मिली और उन्हें निर्दलीय होने के बाद भी 39 हजार 200 वोट मिले।
चुनाव खत्म होने के बाद जब जांच पूरी हुई तो पता चला कि धमकी भरा पत्र भी बम की तरह नकली था। इस मामले में पुलिस ने रश्मि वर्मा के करीबियों से पूछताछ की, जिसमें ये पता चला कि यह काम उनके करीबी रहे शाहनवाज नाम के शख्स ने किया था। शाहनवाज ने कहा था कि रश्मि वर्मा ने खुद अपने कार्यालय में ये बम रखवाया था।
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