20 अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की योजना: नौ मेडिकल कॉलेजों में सिर्फ बेतिया के जीएमसीएच में ऑक्सीजन प्लांट शुरू, आठ में निर्माण कार्य जारी

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पटना4 मिनट पहलेलेखक: राकेश रंजन, आलोक द्विवेदी, हेमंत मोहन

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रोहतास के डेहरी ऑन सोन, सिर्फ प्लेटफॉर्म बना कर काम बंद

  • राज्य के नौ मेडिकल कॉलेज व 20 अनुमंडल अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट के निर्माण का यह है लेखा-जोखा

बिहार में कोरोना संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन के लिए मचे हाहाकार के बाद सरकार की ओर से सभी नौ मेडिकल कॉलेज और अनुमंडल स्तर पर 20 अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई गई। लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद नौ मेडिकल कॉलेजों में से सिर्फ एक बेतिया स्थित जीएमसीएच में ही उत्पादन शुरू हो सका है। वहीं, 20 अनुमंडल अस्पतालों में छह जगहों पर प्लेटफॉर्म का निर्माण, तीन जगहों पर जमीन की खुदाई, चार जगहों पर स्ट्रक्चर निर्माण, दो जगहों पर पाइप बिछाने का काम ही हुआ है। इसके अलावा पांच जगहों पर अभी तक काम ही नहीं शुरू हुआ है।

मेडिकल कॉलेजों में बेतिया स्थित जीएमसीएच में पहले से ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण शुरू रहने के कारण उसे चालू कर दिया गया है। यहां मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए लगभग 38 सौ करोड़ रुपए का फंड निर्धारित किया गया था। जिसके तहत पहले से ही आक्सीजन प्लांट लगाने की योजना थी। वहीं, 30 अप्रैल 2021 को सरकार की ओर से 30 करोड़ की राशि आवंटित होने के बावजूद आठ अन्य मेडिकल कॉलेजों में उत्पादन शुरू नहीं हो सका। इनके लिए पांच साल तक 90.50 करोड़ की राशि भी आवंटित की जा चुकी है।

पीएमसीएच में प्लांट तैयार होने के बाद सुचारू इलेक्ट्रिक सप्लाई का इंतजार किया जा रहा है, जबकि सरकार ने 10 जून को ही इसे शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच, मधेपुरा स्थित जेएनकेटीएमसीएच, गया स्थित एएनएमएमसीएच, भागलपुर स्थित जेएलएनएमसीएच में आक्सीजन प्लांट का निर्माण अभी भी किया ही जा रहा है।

पावापुरी स्थित वर्धमान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में अब तक सिर्फ स्थल चयन का ही काम किया जा सका है। वहीं, दरभंगा स्थित डीएमसीएच में पुराने छोटे ऑक्सीजन प्लांट के नजदीक बड़े प्लांट लगाने की योजना अभी शुरू नहीं हो सकी है। पटना के एनमएसीएच में ऑक्सीजन प्लांट चालू करने में 15 दिनों का समय लगेगा। प्लांट लगभग तैयार है। इसके अलावा पहले से बना छोटा ऑक्सीजन प्लांट चालू हैं, जहां प्रतिदिन 50 से 60 सिलिंडर ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता है।

डेहरी में प्लेटफॉर्म बनाने के बाद काम हुआ बंद

रोहतास के डेहरी ऑन सोन में सरकार की घोषणा के 10 दिन बाद ही काम शुरु किया गया था। इस दौरान लगभग 10 गुणे 10 फीट का दो प्लेटफॉर्म बनाने के बाद 20 दिनों से काम बंद है। पटना के मसौढ़ी में 50 बेड तक आक्सीजन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। प्लांट निर्माण के दौरान प्लेटफॉर्म निर्माण करने के साथ ही आक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप बिछाया जा रहा है। लेकिन, अभी तक ऑक्सीजन उत्पादन के लिए मशीन की खरीदारी नहीं हो सकी। समस्तीपुर के पटोरी में आक्सीजन प्लांट बनाने के लिए अभी काम ही शुरु नहीं हुआ है। जबकि, पूसा में जमीन की खुदाई की जा रही है।

टेकारी में टीन का शेड लगा, 20 दिन से काम बंद

गया के टेकारी में आक्सीजन प्लांट लगाने के लिए टीन शेड का निर्माण करने के बाद 20 दिनों से काम बंद है। सीवान के महाराजगंज में सिर्फ पाइप बिछा है। मधुबनी के जयनगर, नवादा के रंजौली और सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में प्लेटफॉर्म बना है। वैशाली के महुआ, मोतिहारी के पकड़ी दयाल व पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज के अनुमंडल अस्पतालों में प्लांट लगाने के लिए अभी जमीनी स्तर पर काम ही शुरु नहीं किया गया है। ये आक्सीजन प्लांट पीएम केयर्स फंड से किया जा रहा है। इनके निर्माण के लिए 3 मई 2021 से 3 अगस्त 2021 तक (तीन महीने) का समय निर्धारित किया गया था।

53200 सिलेंडरों का प्रति दिन होगा उत्पादन

बिहार के 20 अनुमंडलीय हॉस्पिटलों में आक्सीजन प्लांट लगने के बाद प्रति दिन 53280 सिलेंडर को रिफिलिंग की जा सकेगी। प्लांट शुरु होने के बाद प्रत्येक अनुमंडलीय अस्पताल में प्रति मिनट 960 लीटर आक्सीजन का उत्पादन होगा। जिससे 111 सिलेंडर को लिक्विड आक्सीजन से भरे जा सकेंगे। इसके साथ ही बिहार के नौ मेडिकल कालेज में आक्सीजन प्लांट चलने के दौरान प्रति मिनट 23 हजार लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) आक्सीजन का उत्पादन होगा।

तीन महीने में पूरा होगा काम

सभी अनुमंडल अस्पतालों में सिविल वर्क का आदेश दे दिया गया है। तीन महीने में कार्य को पूरा करना है। मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लग गया है और क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंक जल्द स्थापित कर लिया जाएगा। -मंगल पांडेय, स्वास्थ्य मंत्री

जीएमसीएच बेतिया में प्लांट चालू है। 36 बेड पर ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है।
प्रमोद कुमार तिवारी, अधीक्षक, जीएमसीएच

ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार है। एक से दो हफ्ते में चालू हो जाने की उम्मीद है। जो समस्या है, उसे दूर किया जा रहा है।
विद्यापति चौधरी, प्राचार्य, पीएमसी

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