77वीं जानकी डोली परिक्रमा यात्रा रीगा पहुंची: लोगों ने किया भव्य स्वागत, 10 मई को शहर में होगा नगर परिक्रमा

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सीतामढ़ी26 मिनट पहले

जानकी जन्म भूमि श्री सीतामढ़ी धाम की 77 हुई जान की डोली परिक्रमा यात्रा शुक्रवार को रीगा मिल चौक स्थित हनुमान मंदिर पहुंची। जहां परिक्रमा यात्रा में शामिल साधु संतों का पूरी श्रद्धा के साथ स्थानीय ब्याहुत टेलीकॉम के अलावा अन्य लोगों ने भव्य तरीके से स्वागत किया। मां जानकी की डोली का मंत्रोच्चारण के साथ पूजन कर साधु-संतों को भोजन कराया गया। इस दौरान संत भूषण दास ने बताया कि जानकी जन्मभूमि सीतामढ़ी धाम की 77 वीं डोला परिक्रमा यात्रा लगातार 44 वर्ष से सिया सुंदरी शरण जी महाराज द्वारा संचालित किया जा रहा है।

प्रत्येक वर्ष जानकी नवमी को लेकर माता सीता की डोली शहर स्थित रजत द्वार जानकी मंदिर से गाजे-बाजे व साधु-संतों की टोली के साथ चौदह कोसी परिक्रमा निकाली जाती है। जो डोली विभिन्न गांवों का भ्रमण कर जानकी नवमी को शहर में परिक्रमा करेगी। माता जानकी की डोली के साथ साधु संत चल रहे हैं। जिस गांव में डोली का विश्राम होगा वहां भव्य स्वागत, महाआरती व संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन होता है।

22 अप्रैल को सीतामढ़ी जानकी मंदिर उर्विजा कुंड से निकली डोली शहर के राजोपट्टी शिवालय मंदिर, विश्वनाथ पुर ग्राम, बेली धाम होते सोमवार को मदनपुर गांव पहुंची। 26 अप्रैल को परशुरामपुर, 27 को रेवासी, 28 को पकड़ी पहुंची। आज पुनः 29 अप्रैल को संत तपस्वी नारायण दास आश्रम बगही धाम तथा 30 को मैबी में विश्राम होगा।

1 मई को पंथपाकड़ में विश्राम, 2 मई को बथनाहा में, 3 मई पकड़ी में , 4 मई को हीरोलवा गांव में, 5 मई को भटौलिया में, 6 मई को रसलपुर में,7 मई को आजमगढ़ में तथा 8 मई को दूल्हा-दुल्हन कोहबर कुंज महंत श्री दिनेश दास जी के स्थान पर रात्रि विश्राम, 9 मई को मधुबन रामलला दर्शन एवं 10 मई को जानकी मंदिर जानकी स्थान पहुंचेगी। 10 मई जानकी नवमी को नगर क्षेत्र में डोला की परिक्रमा होगी। डोली के साथ निशान वाहकों के साथ संगीतमय टोली सीताराम संकीर्तन करते हुए चल रही है।

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