CM नीतीश बोले- बिना सूचना पुलिस छापेमारी नहीं करती: शराबबंदी को लेकर फिर चलाया जाएगा जागरूकता अभियान, 26 नवंबर को CM एक बार फिर लेंगे शपथ

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पटना22 मिनट पहले

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CM नीतीश कुमार।

बिहार में शराबबंदी को सफल बनाने को लेकर प्रशासन के पसीने छूट गए हैं। इसको लेकर लगातार पुलिस की तरफ से छापेमारी की जा रही है। इस छापेमारी को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। रविवार को एक शादी समारोह में पुलिस के जाने को लेकर विपक्ष के तरफ से सरकार पर हमला किया गया तो, CM नीतीश कुमार ने जवाब दिया कि पुलिस को शराब मिलने की सूचना हुई होगी, तभी पुलिस गई है। बाकी जो नहीं पीते हैं उनको डरने की जरूरत नहीं है।

वहीं, CM नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी का निर्णय 2016 का है। उसको लेकर जितना अभियान चला है, सभी जानते हैं। इसको लेकर हम लोग अब तक 9 बार समीक्षा बैठक कर चुके हैं। इस बार जो समीक्षा बैठक हुई उसमें बहुत ही स्पष्टता के साथ हमने सारे अधिकारियों को कह दिया किए एक-एक चीज को देखिए। लोगों ने काम करना शुरू किया है। 26 तारीख को एक कार्यक्रम होता है उसी दिन फिर एक बार शपथ होगा।

जो गलत नहीं हैं, उन्हें डरने की जरूरत नहीं

शराब को लेकर शादियों की पार्टी में पुलिस की छापेमारी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को ऐसी शिकायतें मिली हैं कि कुछ लोग शादी के कार्यक्रम में भी दारू पिलाने का इंतजाम करते हैं। इस संबंध में पुलिस को सूचना मिलने पर छापेमारी की जा रही है। इसको लेकर किसी को भी चिंता नहीं करनी चाहिए। जो लोग शराब का सेवन नहीं करते हैं उनको इससे कोई दिक्कत नहीं होगी। पुलिस को शराब को लेकर कोई जानकारी मिली होगी, उसी के आधार पर छापेमारी की गई होगी। इसकी जानकारी मुझे नहीं है।

समाचार में जो बातें सामने आती हैं उसको लेकर हमारे कार्यालय के अधिकारी पूछताछ करते हैं। शराबबंदी को लेकर प्रशासन को एक-एक चीज देखने की जिम्मेदारी दी गई है। शराब पीना और शराब उपलब्ध कराना गलत चीज है। यह अनैतिक और गैरकानूनी है। इस पर रोक लगाना और लोगों को शराबबंदी के प्रति जागरूक करना हमारा मकसद है।

उन्होंने कहा कि शराबबंदी को लेकर पुलिस की छापेमारी से लोगों में भय नहीं बल्कि खुशी है। शराबबंदी को लेकर पूरे बिहार में फिर से अभियान चलाया जाएगा। हम लोग खुद बिहार के विभिन्न जगहों पर जाकर लोगों को शराबबंदी के प्रति जागरूक करेंगे। इससे लोगों में शराबबंदी के प्रति और अवेयरनेस आएगा।

जिनको बोलना हैं, बोलते रहें

वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा बिहार सरकार पर लगाए गए आरोप पर नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हीं से पूछिए और वो जो कहें उसे खूब छापिए। ऐसे लोगों को काम से कोई मतलब नहीं है। बिहार में कितना काम हो रहा है यह सभी लोगों को पता है। विभिन्न विभागों के मंत्री भी अपने-अपने काम में लगे रहते हैं। कोई आराम से घर के अंदर बैठा नहीं रहता है। हम लोग विभिन्न विभागों की समीक्षा के साथ ही उसमें आगे और कैसे बेहतर काम हो इसको लेकर बैठक करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि हर महीने के पहले 3 सोमवार को हम जनता से मिलकर उनकी शिकायतों का समाधान करते हैं। जनता की शिकायतों का अब तेजी से समाधान किया जा रहा है। जिनको बोलना है वो बोलते रहें। इसको लेकर हमें कोई दिक्कत नहीं है। बोलने का अधिकार सभी को है लेकिन काम करने की ड्यूटी सिर्फ हम लोगों की है। यह हम लोगों का कर्तव्य है।

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