Indian Railway News: रेलवे को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आ रही है. केंद्र सरकार भारतीय रेलवे वित्त निगम (Indian Railway Finance Corp) में अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है. पीटीआई के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार फिलहाल हिस्सेदारी बेचने (stake sale) की संभावनाएं तलाश रही है. IRFC भारतीय रेलवे की सपोर्टेड फंडिग ब्रांच है जो रोलिंग स्टॉक/प्रोजेक्ट एसेट्स के अधिग्रहण के लिए फाइनेंस मार्केट से फंड उधार लेने का काम करती है.
86 फीसदी है सरकार की हिस्सेदारी
इसके बाद में इन सभी संपत्तियों को भारतीय रेलवे को लीज पर देने का काम किया जाता है. इस समय पर फंडिंग शाखा में सरकार की हिस्सेदारी 86 फीसदी के करीब हिस्सेदारी है. रॉयटर्स के हवाले से एक सरकारी अधिकारी ने कहा है कि हिस्सेदारी की बिक्री जल्द ही होगी.
चरणों में बेची जाएगी हिस्सेदारी
अधिकारी ने पीटीआई के हवाले से कहा कि हालांकि सरकार ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि कितनी हिस्सेदारी बेची जाएगी, लेकिन अब तक की योजना के मुताबिक, सरकार कई चरणों में 11 फीसदी तक हिस्सेदारी बेच सकती है.
रिकॉर्ड हाई पर पहुंचे शेयर
आपको बता दें आज बाजार खुलने के बाद से ही IRFC के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही थी. कंपनी के शेयर आज बीएसई पर लगभग 4 फीसदी की बढ़त के साथ 52.71 रुपये के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए. इसके अलावा सुबह 11.20 बजे तक संयुक्त रूप से 121 मिलियन इक्विटी शेयर, जो आईआरएफसी की कुल इक्विटी का लगभग 0.93 फीसदी है एनएसई और बीएसई पर बदल चुके थे.
एक महीने में 57 फीसदी से ज्यादा बढ़ा स्टॉक
पिछले एक महीने का चार्ट देखें तो कंपनी के शेयर 30 दिन में 57.38 फीसदी से भी ज्यादा बढ़ गए हैं. 17 जुलाई को कंपनी के शेयर का भाव 32 रुपये के लेवल पर था और आज ये स्टॉक 51 रुपये के लेवल पर ट्रेड कर रहा है.
कंपनी ने हाल ही में जारी किए तिमाही नतीजे
पिछले हफ्ते कंपनी ने पहली तिमाही (Q1FY24) के नतीजे जारी किए थे. इस अवधि में कंपनी ने अपने शुद्ध लाभ में साल-दर-साल 6.3 फीसदी की गिरावट के साथ 1,556.6 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की. कंपनी ने एक साल पहले की समान अवधि में 1,661.6 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था. Q4 FY23 में शुद्ध लाभ 1,327.7 करोड़ रुपये से 17.2 फीसदी अधिक था.