Indian Railways Privatisation: भारतीय रेलवे का निजीकरण नहीं किया जाएगा, जानें अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा

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Indian Railways Privatisation: भारतीय रेलवे का निजीकरण नहीं किया जाएगा, जानें अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा


Indian Railways Privatisation: देशभर में ट्रेन से सफर (Train) करने वालों के लिए बड़ी खबर है. अगर आप भी ट्रेन से यात्रा करते हैं तो यह आपके लिए यह खबर जानना जरूरी है. पिछले कुछ समय से ऐसा सुनने में आ रहा है कि सरकार की तरफ से बैंकों के निजीकरण के बाद रेलवे का भी निजीकरण (Railway Privatisation) किया जा सकता है. यानी सरकार रेलवे समेत कई सरकारी कंपनियों को प्राइवेट हाथों में सौंप सकती है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Rail Mantri Ashwini Vaishnaw) ने रेलवे के निजीकरण को लेकर एक जरूरी जानकारी दी है. 

अश्विनी वैष्णव ने संसद में दी थी जानकारी

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद ने इस बारे में खुलासा किया था कि रेलवे का फिलहाल निजीकरण का कोई भी प्लान नहीं है. इसके आगे उन्होंने लिखित जवाब में भी इस बारे में जानकारी दी थी कि भारतीय रेलवे का निजीकरण नहीं किया जाएगा. 

रेलवे की बढ़ेंगी सुविधाएं
आपको बता दें बैंकों के निजीकरण के बाद में खबर आ रही थी कि सरकार रेलवे का भी प्राइवेटाइजेशन कर सकती है, लेकिन रेल मंत्री ने इस बार से साफ इनकार कर दिया है. रेल मंत्री ने सदन में रेलवे के प्लान को लेकर बड़ी जानकारी दी है. रेल मंत्री ने बताया कि आने वाले समय में रेलवे की सुविधाएं बढ़ेंगी. 

वंदे भारत सभी रूट्स पर होगी शुरू
बता दें देशभर में कई रूट्स पर वंदे भारत ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है और जल्द ही इन ट्रेनों की संख्या में और भी बढ़ावा किया जाएगा. भारतीय रेलवे आने वाले समय में यात्रियों की सुविधाओं को और बढ़ावा देगा. इस समय रेलवे कई तरह की सुविधाओं पर काम कर रहा है. 

गति शक्ति कार्गो को किया जाएगा विकसित
रेल मंत्री ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे की तरफ से गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) नीति के तहत अगले तीन वर्षों में जीसीटी विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 22 जीसीटी पर पहले से ही काम चल रहा है. यानी आने वाले समय में रेलवे बहुत ज्यादा सुविधाजनक होगा.

रेल मंत्री ने दी जानकारी
रेल मंत्री ने रेलवे की तैयारियों पर विस्तृत जानकारी दी है. रेल मंत्री के अनुसार, टर्मिनल के निर्माण और संचालन के लिए जीसीटी आपरेटरों का चयन निविदा प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा. इतना ही नहीं, रेलवे टर्मिनल को गैर-रेलवे भूमि पर विकसित करने के लिए जीसीटी आपरेटरों को सही जगह चुनने की जिम्मेदारी दी गई है. 





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