Home Bihar बक्सर में छठ व्रतियों ने डूबते सूर्य को दीया अर्घ्य: छठ को लेकर गंगा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा के दिखे कड़े इंतजाम

बक्सर में छठ व्रतियों ने डूबते सूर्य को दीया अर्घ्य: छठ को लेकर गंगा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा के दिखे कड़े इंतजाम

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बक्सर में छठ व्रतियों ने डूबते सूर्य को दीया अर्घ्य: छठ को लेकर गंगा घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा के दिखे कड़े इंतजाम

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बक्सरएक घंटा पहले

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बक्सर में चार दिवसीय लोक आस्था और सू्र्य उपासना के महापर्व चैती छठ को लेकर गंगा घाट और विभिन्न नदी और तालाबों के किनारे व्रती पहुंच चुके है।सबसे ज्यादा संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ बक्सर की प्रमुख घाट रामरेखा घाट पर उमड़ी है। बक्सर जिला मुख्यालय सहित पूरे जिला के गंगा तट से लेकर विभिन्न जलाशयों के किनारे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अस्त होने वाले भगवान सूर्य को विधि विधान से पूजा अर्चना कर अर्घ्य दिया। चार दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान के अंतिम दिन मंगलवार को व्रती सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत पूरा करेंगे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं

चैती छठ पर्व को लेकर व्रती दोपहर 4 बजे से ही गंगा घाट पर ईख और फल का दौरा लेकर पहुंचने लगे। पीछे पीछे रंग बिरंगे परिधान में व्रती महिला के साथ परिजन भी घाट पर पहुंचे हुए है। हालांकि शारदीय छठ की अपेक्षा इस छठ को काफी कम लोग करते है। जिसको लेकर अन्य घाटों और जलाशयों की अपेक्षा बक्सर जिले के रामरेखा घाट पर काफी भीड़ दिखाई दिया। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा गंगा सहित सभी नदियों के घाटों पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। गंगा नदी में गोताखोर के अलावे घाट और विभिन्न चौक चौराहों पर महिला -पुरुष काफी संख्या में पुलिस बल तैनात थे।

उगते सूर्य के अर्घ्य के साथ होगा सम्पन्न

बता दें कि यह चार दिवसीय पर्व होता है। जो शनिवार को नहाया खाया के साथ प्रारम्भ किया गया। इसके पहले व्रतियों ने रविवार की शाम भगवान भास्कर की आराधना की और खरना किया था। खरना के साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो गया। तीसरे दिन डूबते सूर्य को तो पर्व के चौथे और अंतिम दिन यानी मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद श्रद्धालुओं का व्रत संपन्न हो जाएगा। इसके बाद व्रती अन्न-जल ग्रहण कर ‘पारण’ करेंगे।

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